चंपावत। गर्मी के कारण चर्म रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। गर्मी से स्केबीज की समस्या हो रही है। अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने से लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल में पिछले चार दिन में स्केबीज की समस्या से परेशान 60 मरीज करीब पहुंचे हैं। इनमें से अधिकांश ने पिथौरागढ़ या खटीमा जाकर इलाज कराया।
अस्पताल में कार्यरत एकमात्र चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्णिका पंत मातृत्व अवकाश पर हैं। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि स्केबीज की समस्या गर्मी के कारण बढ़ती है। गर्मी में साफ सफाई पर अधिक ध्यान देना होता है। गर्मी में पसीना लगातार बना रहता है। ऐसे में नियमित रूप से नहाना और कपड़ों को बदल-बदलकर पहनने की जरूरत है। एक रोगी मनीषा ने बताया कि उन्हें शरीर में खुजली हो रही थी। अस्पताल में दिखाया लेकिन फायदा नहीं हुआ। 75 किमी दूर पिथौरागढ़ अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ से इलाज कराने से लाभ हुआ।
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लोहाघाट में नहीं होता चर्म रोग का इलाज
चंपावत। उपजिला अस्पताल लोहाघाट में चर्म रोग विशेषज्ञ पद लंबे समय से रिक्त चल रहा था। ऐसे में लोगों के लिए चर्म संबंधी बीमारियों का इलाज कराना मुश्किल होता है। लोहाघाट क्षेत्र के लोगों को चर्म इलाज के लिए चंपावत या फिर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। वर्तमान में जिला अस्पताल में भी चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। वर्तमान में क्षेत्र के लोग खुजली, स्केबीज और अन्य प्रकार की एलर्जी से परेशान हैं। उप जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सोनाली मंडल ने बताया कि रिक्त पदों की सूचना आला अधिकारियों को दी जाती है।