टायरों के अभाव में लोहाघाट रोड़वेज वर्कशाप में खड़ी बसें।
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टायरों के अभाव में उत्तराखंड परिवहन के लोहाघाट डिपो में 11 बसें खड़ी हो गई हैं। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बसों के खड़े होने से रोडवेज को हर रोज करीब 75 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार 22 दिसंबर से अब तक 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। जल्दी टायर न आने पर 20 जनवरी से 11 अन्य बसें भी खड़ी हो सकती हैं।
रोडवेज डिपो में मौजूद 42 बसों में से 31 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। यहां 22 दिसंबर से टायरों की कमी के चलते बसों के खड़े होने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। धारचूला से दिल्ली की चार बसें, दिल्ली, बरेली व काशीपुर की दो-दो बसें, पोंटा साहिब की एक बस बंद है। रोडवेज के फोरमैन दीपक सिंह ने बताया कि शनिवार को दिल्ली के लिए संचालित होने वाली पांच बसों में से केवल तीन बसों का ही संचालन हो पाया। डिपो में तत्काल 30 नए टायरों की आवश्यकता है। रोडवेज के प्रभारी मंडलीय सहायक प्रबंधक केएस राणा का कहना है कि टायरों की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। 20 जनवरी तक टायर नहीं मिलने पर 11 और बसें खड़ी होने का खतरा है।