चंपावत। जिले में श्रमदान से 20 साल पहले बनी नरसिंहडांड़ा-कालूखाड़ सड़क के दो किमी हिस्से पर डामरीकरण न होने से यात्रा करने में 30 मिनट का समय लग रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सड़क का काम शुरू नहीं हो पाया है। कोविड कर्फ्यू में सरकारी कार्यालय बंद होने से सड़क का सर्वे का काम बंद है। वर्ष 2001 में मैरोली ग्रामसभा के कई गांवों के सैकड़ों लोगों ने रात दिन काम कर फुटलिंग मंदिर से कालूखाड़ गांव के जीआइसी तक सड़क का निर्माण किया।
सड़क पर डामरीकरण का 20 साल से तोला, आलूचैड़ा, बड़पास, गरसाड़ी, छाना, बसान, दिर्खोला सहित कई गांवों के लोग इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2008 में लोनिवि चंपावत ने फुटलिंग मंदिर से सिद्धखोला तक सड़क पर डामरीकरण किया। इन वर्षों में इस सड़क से बसान, मैरोली, गरौली, लधौली, तोला और बड़पास सहित कई सड़कें कट चुकी हैं। मुख्य सड़क पर डामरीकरण न होने से ग्रामीणों को 108 सेवा और भवन निर्माण की सामग्री लाने के साथ ही लोगों को आने जाने में दिक्कत हो रही है।
ग्राम प्रधान मुकेश कलखुड़िया ने चंपावत दौरे पर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष सड़क का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने सड़क डामरीकरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी। उसके बाद भी सड़क का काम शुरू न होने से ग्रामीणों में रोष है।
बरसात के बाद सड़क पर खर्च होते हैं लाखों रुपये
चंपावत। नरसिंहडाड़ा-कालूखाड़ सड़क पर हर साल बारिश के बाद लाखों रुपये समतलीकरण में खर्च होते हैं। बरसात के बाद क्षेत्र की कई सड़कों पर गढ्ढे बन जाते हैं। लोनिवि इन सड़कों पर जेसीबी भेजकर गढ्ढें पाटकर चलने लायक बना देता है। ग्रामीणों ने कहा अगर मुख्य सड़क पर डामरीकरण हो जाए तो हर साल सरकारी पैसे की बचत होगी।(संवाद)
सड़क पर तो नहीं मगर संपर्क मार्ग का काम शुरू
चंपावत। 20 साल पहले कटी इस सड़क पर तो काम शुरू नहीं हुआ। लेकिन एक साल पहले विधायक निधि से कटे संपर्क मार्ग भुमिक्याचैड़ा-मैरोली सड़क पर टेंडर होने के बाद काम शुरू हो गया है। मैरोली के ग्रामीणों ने कहा इस सड़क के बनने का फायदा लोगों को नहीं मिलेगा। क्योंकि सड़क के मुख्य मार्ग पर कटिंग और डामरीकरण नहीं हुआ है। (संवाद)
कोट
नरसिंहडांड़ा-कालूखाड़ सड़क के दो किमी के हिस्से पर ग्रेड नहीं मिल रहा है। सड़क पर दोबारा सर्वे की लिये टीम जाएगी। कोराना संक्रमण के चलते कार्यालय बंद होने से सर्वे टीम नहीं जा पा रही हैं।
महेश चंद्र पांडेय, ईई, लोनिवि, चंपावत।