बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान बेलखेत के समीप खाई में मलबा डालती जेसीबी।
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान निकल रहा मलबा खाई में फेंके जाने का सिलसिला जारी है। वन विभाग की सख्त कार्रवाई के बाद भी निर्माण कार्य करा रही कंपनियां मलबे को खाई में फेंक रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के निर्देशों का भी संबंधित कंपनियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। सड़क निर्माण में नियमों को ताख में रखा जा रहा है।
गौरतलब है कि टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच आरजीबी उप्र, शिवालय कंस्ट्रक्शन हरियाणा, एचसीआईडब्लू आरजीवेल और गैनन डंकरले महाराष्ट्र की कंपनी को बारहमासी सड़क निर्माण का जिम्मा दिया गया है। निर्माण के दौरान निकले मलबे को खाई के बजाय निर्धारित स्थलों पर बने डंपिंग जोन में डालने के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके ये कंपनियां मलबे को खाई में डाल रही है। हालांकि इससे पूर्व वन विभाग द्वारा मलबा खाई में डालने पर शिवालया और गैनन डेंकरले कंपनियों का सात बार चालान कर 1.96 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं।
इसके बाद भी मलबा सीधे खाई में डालने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को भी बेलखेत के समीप सड़क निर्माण के दौरान निकल रहे मलबे खाई में मलबा डाला गया। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि टनकपुर से घाट के बीच 226 डंपिंग जोन बनाए गए हैं। संबंधित कंपनियों को मलबे को डंपिंग जोन में डालने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।