लोहाघाट में शिवालय मंदिर मार्ग में देवदार का पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त पार्क का गेट।
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बारिश और अंधड़ की चपेट में आने से नगर क्षेत्र में कई देवदार के पेड़ गिर गए। इससे जहां मकानों को काफी क्षति पहुंची है, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित हुआ। फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता दिखाते हुए पेड़ों का निस्तारण कर यातायात को सुचारु किया।
शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक हुई बारिश और अंधड़ के दौरान लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। अंधड़ के कारण चंपावत-लोहाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग में गैस गोदाम के पास पेड़ गिरने से करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। आदर्श कालोनी में बोटहाउस के पास चंपा देवी पत्नी सोहन सिंह के मकान की छत में अचानक देवदार का पेड़ गिर गया। इससे मकान को काफी नुकसान हुआ है। मकान में रह रहे लोग बाल-बाल बच गए। लोनिवि कार्यालय की छत, शिवालय मंदिर के पास बने चिल्ड्रन पार्क के गेट में देवदार के पेड़ गिरने से काफी नुकसान पहुंचा है। फायर टीम ने वुड कटर मशीन से पेड़ों का निस्तारण किया। इस टीम में एलएफएम नरेंद्र प्रसाद, फायरमैन हरीश गिरि, भूपेंद्र सिंह, परवीन सिंह, महेश जोशी आदि शामिल थे।
पेड़ों के निस्तारण में देरी होने से प्रभावितों ने जताई नाराजगी
लोहाघाट (चंपावत)। नगर क्षेत्र में हुई बारिश और अंधड़ की चपेट में आकर गिरे पेड़ों के निस्तारण में हो रही देरी पर प्रभावितों ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने वन विभाग पर पेड़ों के निस्तारण में हीलाहवाली का आरोप लगाया है। एसएसबी कैंप के समीप निवासी दिनेश चंद्र सक्टा, हेम चंद्र सक्टा का कहना है कि भारी अंधड़ के कारण दो दिन पूर्व उनके मकान में देवदार का पेड़ गिर गया था। जिससे मकान को काफी खतरा पैदा हो गया है। उनका कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी पेड़ों को नहीं हटाया गया है। शनिवार को हुई भारी बारिश से गिरे पेड़ों को फायर कर्मियों ने कामचलाऊ व्यवस्था के तहत राजमार्ग से तो हटा दिया गया है, लेकिन भवनों के ऊपर गिरे पेड़ों को नहीं हटाया। उनके पास पर्याप्त मात्रा में औजार न होने से दिक्कतें आ रही हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके मकानों में गिरे पेड़ों को न हटाने से किसी भी प्रकार की दुर्घटना होगी तो उसकी जिम्मेदारी वन विभाग और वन निगम की होगी।