टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर धौन के पास सोमवार सुबह 5.49 बजे भारी-भरकम चट्टान आने से 13 घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। भारी मलबा आने से सड़क का 40 मीटर का हिस्सा धंस गया।
पहाड़ी की तरफ लटके पत्थरों को निकालने और लगातार गिर रहे पत्थर से काम में अड़चन आई। मार्ग बंद रहने से रोडवेज की दस बसों सहित 40 से अधिक वाहन में सैकड़ों मुसाफिर फंसे रहे। हालात को देखते हुए डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने आपदा प्रबंधन, एनएच खंड व शिवालय कंपनी के इंजीनियर, त्वरित कार्यवाही दल (क्यूआरटी) के अलावा अग्निशमन दल को मौके पर भेजा।
दोनों तरफ से लगी टीमें शाम 6.30 बजे मलबा हटाकर सड़क को खोलने में सफल रहीं। एसडीएम अनिल गर्ब्याल और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने मौके पर रहकर मार्ग को खुलवाया। पोकलैंड के ऑपरेटर रवींद्र ने रोड खोलने में बेहद दिलेरी का परिचय दिया।
एसडीएम गर्ब्याल ने बताया कि चंपावत से 12 किमी दूर धौन के पास आई चट्टान, मलबे और पत्थर ने सड़क को बंद कर दिया। लटके पत्थरों ने काम में अड़ंगा लगाया। वहीं लगातार पत्थर गिरने से काम शुरू होने में भी अनेक बार व्यवधान हुआ।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता एनसी पांडेय, कनिष्ठ अभियंता बीसी जोशी, शिवालय कंपनी के संजय राणा, आरएस यादव, पीडी जोशी आदि मौके पर पहुंचे। टनकपुर और चंपावत की तरफ पोकलैंड, लोडर और जेसीबी के साथ दोनों तरफ से टीमें मलबा हटाने के काम में जुटी रहीं। मार्ग बंद होने से धौन जीआईसी, प्राथमिक विद्यालय और अस्पताल में भी व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं।
कई शिक्षक रोड बंद होने से स्कूल नहीं पहुंच सके तो कुछ पहाड़ी पार कर स्कूल तक पहुंचे। दिनभर की मशक्कत के बाद शाम करीब 6.20 बजे मार्ग खुल सका। क्यूआरटी के शंकर वर्मा, छत्रर सिंह बोहरा, वीरेंद्र सिंह आदि ने रास्ते में फंसे मुसाफिरों को पानी, बिस्कुट आदि की व्यवस्था की।
लोहाघाट डिपो की की कई बसों का संचालन ठप
लोहाघाट (चंपावत)। धौन के समीप मलबा आने से रोडवेज सेवा प्रभावित हुई। सड़क मार्ग बंद होने से मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को दिक्कत झेलनी पड़ी। वहीं 31 जुलाई से अब तक रोडवेज को करीब सात लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने बताया कि सोमवार को धौन के पास मलबा आने से दिल्ली, देहरादून, नैनीताल, गुड़गांव, बरेली और हल्द्वानी से लोहाघाट आ रही बसें फंसी रहीं। लोहाघाट डिपो से भी ज्यादातर बसों का संचालन ठप रहा। देवीधुरा होते हुए दिल्ली को दो और नैनीताल व देहरादून को एक-एक बस भेजी गई।
चंपावत बस स्टेशन में रही चहलपहल
चंपावत। धौन के पास आए मलबे का असर चंपावत रोडवेज स्टेशन पर खूब नजर आया। सड़क बंद होने की जानकारी मिलने के बाद पिथौरागढ़ और लोहाघाट से आई बसों को चंपावत में ही रोके रखा गया। वहीं एनएच पर स्थित चंपावत कोतवाली के पास भी बैरियर लगाकर वाहनों को वापस कर दिया गया।
एनएच में फंसी लोहाघाट डिपो की ये बसें:
दिल्ली की चार बसें।
देहरादून की दो बसें।
नैनीताल, गुड़गांव, बरेली और हल्द्वानी की एक-एक बस।
देवीधुरा होते हुई भेजी गई लोहाघाट डिपो की ये बसें:
दिल्ली को दो बसें।
नैनीताल और देहरादून भेजी गई एक-एक बस।
एनएच में धौन के पास सड़क खुलने का इंतजार करते यात्री।- फोटो : CHAMPAWAT