चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर स्वांला के पास आए मलबे से रातभर आवाजाही बाधित रही। इसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। मार्ग बंद होने से खटीमा से लौट रही एक बरात भी फंसी रही। मार्ग बंद होने से बैठक से लौट रहे जिला सहायक निबंधक (एआर) सुरेंद्र पाल और सूखीढांग सहकारी समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी को भी रात में 10 घंटे अपनी कार में बिताने पड़े।
यहां से 22 किमी दूर स्वांला मंदिर के पास एकाएक सोमवार रात करीब साढ़े सात बजे मलबा आ गया। मलबे को हटाने का एनएच खंड, शिवालया कंपनी और आपदा प्रबंधन विभाग ने कई बार प्रयास किया, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे से रात में सड़क नहीं खुल सकी। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे मार्ग को खोला जा सका। इसे बाद भी रुक-रुक कर पत्थर गिरने से बाद में 45 मिनट के लिए आवाजाही फिर बंद हुई। मार्ग बंद होने से रातभर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।