स्यांला क्षेत्र में अदरक की खेती।
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चंपावत। मोटर मार्ग बंद होने का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को फसल की बर्बादी के रूप में भुगतना पड़ रहा है। स्यांला-पोथ मार्ग सात दिन से बंद है, जिससे यहां की अदरक की खेेती बर्बादी के कगार पर है। रोड की कार्यदायी संस्था के बाद अब ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब मार्ग खोलने की गुहार लगाई है।
धुरा सहकारी समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने बताया कि इस इलाके में राज्य समेकित योजना के तहत धूरा की बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति की ओर से 200 नाली जमीन पर अदरक की खेती की गई थी। अब यह फसल तैयार हो गई है, लेकिन रोड बंद होने से ग्रामीण अदरक की फसल बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। दीपक सिंह, संजय सिंह, नवीन सिंह, प्रेम सिंह, रमेश सिंह, नरेश सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि 15 किमी लंबी इस रोड पर अभी डामर नहीं हुआ है। इसके चलते वैसे ही आवाजाही खतरनाक बनी है। अब रोड बंद होने से लोगों की परेशानी अधिक बढ़ गई है। मिर्च के भी खराब होने की आशंका है।
चंपावत जिले के बंद मोटर मार्ग:
एसएच से खटोली, किमतोली-पंचेश्वर, अमोड़ी-छतकोट, गल्लागांव-देवमाफी, क्वाटी-बमपम्दा, घाट-पंचेश्वर।
चंपावत जिले मेें बारिश का आंकड़ा :
टनकपुर : 19 मिमी, चंपावत : छह मिमी, पाटी : चार मिमी, लोहाघाट : एक मिमी