टनकपुर(चंपावत)। पखवाड़े भर के अंदर ही दूसरी बार क्षेत्र में भारी बरसात से नदी-नाले उफान पर आने से हर तरफ पानी ही पानी हो गया। किरोड़ा नाले के नायकगोठ की ओर से रुख करने से घसियारामंडी, बोरागोठ आदि में घरों में पानी आ गया। जबकि हुड्डी नदी के उफनाने से तल्ली छीनी में चार रिहायसी झोपड़ियां बह गईं और 17 परिवारों के घरों में पानी भरने से राहत केंद्र में शरण लेनी पड़ी। दोपहर बरसात कम होने पर पानी उतरा।
सात-आठ जुलाई को भी भारी बारिश से नदी नाले उफान पर आए थे। रविवार को एक बार फिर सुबह करीब पांच बजे से बरसात तेज होते ही नदी नाले उफान पर आ गए। नगर और ग्रामीण क्षेत्र के निचले हिस्सों में जलभराव होने लगा। सुबह किरोड़ा नाले का रुख बोरा गोठ, नायकगोठ, घसियारामंडी, वार्ड संख्या नौ, पूर्णागिरि विहार की ओर हो गया। इससे लोगों के घरों में पानी घुसने लगा। लोग अपना सामान बचाने में जुट गए। इसके साथ ही हुड्डी नदी के उफनाने से सुबह पांच बजे के बाद तल्ली छीनी में घरों में पानी घुस गया।
ग्राम प्रधान पूजा जोशी ने बताया कि सुबह पांंच बजे तल्ली छीनी से ग्रामीणों ने सूचना दी। गांव के घनियाबाड़ में भवानी राम, राजू राम, कमल राम, गौतम कुमार की रिहायशी झोपड़ी बह गई। झोपड़ी में रखा घरेलू सामान भी बह गया। इसके अलावा तल्ली छीनी के कुल 17 परिवारों के 74 लोगों को प्रशासन ने इंजीनियरिंग काॅलेज में बने कैंप में भेजा। कैंप में एसडीएम आकाश जोशी ने जलभराव का जायजा लिया और ग्रामीणों से मिले। प्रशासन ने आपदा प्रभावितों को कैंप में भोजन और चाय-नाश्ता कराया।
बताया गया कि दोपहर बाद नदी नालों का पानी कम होने लगा लेकिन अभी बरसात का अलर्ट जारी है। विस्थापित परिवार कैंप में रहने के लिए मजबूर रहे। नगर में पीलीभीत चुंगी, आईटीआई के पास समेत अनेक स्थानों पर जलभराव हुआ। इधर, शारदा नदी का जल स्तर भी सुबह करीब नौ बजे बढ़कर शारदा घाट के ऊपर आने लगा लेकिन दोपहर को फिर कम हुआ। कोतवाल योगेश उपाध्याय ने टीम के साथ शारदा घाट में मुनादी कराकर लोगों को सजग किया। देर शाम तक प्रशासन की टीम आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेती रही। बताया कि शाम तक जनहानि की कोई सूचना नहीं दर्ज हुई।
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प्रशासन ने पांच पोकलैंड मशीन किरोड़ा नाले से बचाव में लगाई
टनकपुर(चंपावत)। किरोड़ा नाले के उफनाने पर रुख बदलकर जंगल से होकर नायकगोठ की ओर होने से एक बार फिर समस्या आ गई। अधिक बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने किरोड़ा का नाले का रुख वापस मोड़ने के लिए पांच पोकलेन मशीनें नाले को चैनलाइज करने में लगाया। दोपहर तक पानी रोक दिया गया। एसडीएम आकाश जोशी स्वयं टीम के साथ चैनलाइज कार्य का जायजा लेते रहे। उन्होंने बताया कि पानी का रुख ठीक करने के लिए कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है जिससे नायकगोठ, घसियारामंडी, पूर्णागिरि विहार, बोरागोठ में पानी आने से रोका जा सके।