बुद्ध पूर्णिमा के दौरान लगने वाला रीठा साहिब का प्रसिद्ध जोड़ मेला इस बार 16 मई से शुरू होगा। गुरुद्वारे के प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले मेले में मुख्य कार्यक्रम 17 मई को होंगे। मेले में दूरदराज के हजारों सिख तीर्थयात्री शिरकत करते हैं। वहीं अभी तक मेले की तैयारी शुरू नहीं की गई है।
यहां से 75 किलोमीटर दूर रीठा साहिब में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी महाराज की साधना और चमत्कारों का समागम है। यहां के गुरुद्वारे में हर साल जोड़ मेला लगता है। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री रतिया और लधिया नदी के संगम पर स्नान कर गुरु के दरबार में मत्था टेकते हैं। श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में मीठे रीठे दिए जाते हैं।
लोगों का कहना है कि मेले में बमुश्किल चार हफ्ते बचे हैं, लेकिन अभी मेले की कोई तैयारी शुरू नहीं हो सकी है।
पार्किंग, स्वच्छता आदि का काम शुरू नहीं हो सका है। नागरिकों का कहना है कि रीठा साहिब में डेढ़ दशक पूर्व बना शौचालय भी ठीक नहीं किया जा सका है। इस शौचालय के उपयोग में नहीं आने से मेले के दौरान समस्या होती है। उधर अपर जिलाधिकारी टीएस मर्तोलिया का कहना है कि जल्द ही मेले की जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएंगी।
ज्ञानी जैल सिंह भी नवा चुके हैं शीश
रीठा साहिब गुरुद्वारे में देश के कई नामी लोग शीश नवा चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह देश के गृह मंत्री रहते हुए 1981 में रीठा साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। उत्तराखंड बनने के बाद 2002 में प्रदेश के गवर्नर रहते सरदार सुरजीत सिंह बरनाला ने गुरुद्वारे में शीश नवाया। इसके अलावा तमाम बड़ी हस्तियां भी इस पवित्र धाम में आते रहे हैं।