चंपावत। जिले में वनाग्नि की 55 घटनाओं में रिजर्व फॉरेस्ट में 36.89 हेक्टेयर में वनाग्नि बुझाई गई है। इन घटनाओं में 37 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 11 नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शनिवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और ग्रीष्मकाल में पेयजल की समस्या के समाधान को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक ली। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटना पर रिस्पांस समय कम से कम हो। निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर के प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या अधिक है वहां वैकल्पिक रूप से टैंकर आदि के जरिये पानी की आपूर्ति कराई जाए। सूख चुके हैंडपंपों के कारणों की जांच कर उन्हें ठीक कराया जाए।
इस दौरान डीएफओ आरसी कांडपाल ने सीएम को बताया कि जिले में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए 53 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं जिनमें 238 फायर वाॅचर रखे गए हैं। वन विभाग के कार्मिकों के साथ ही सात होमगार्ड और 11 वाहन लगाए गए हैं। चार वाहन आपदा विभाग से लगाए गए हैं। 24 घंटे वन विभाग की टीम वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने सीएम को बताया कि जंगल में आग लगाने के मामलों में अब तक 37 केस दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 11 लोगों पर नामजद केस दर्ज किया गया है।
वीसी में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सीडीओ चंपावत संजय कुमार सिंह, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सदर सौरभ असवाल, डीडीओ दिनेश दिगारी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बिलाल यूनूस, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम वीके पाल आदि मौजूद रहे।
झूमाधुरी, गलचौड़ा, भवल्टा और बरदाखान के जंगलों में भीषण आग
मां झूमाधुरी मंदिर क्षेत्र के चीड़ के जंगल में लगी भीषण आग को एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में लगातार गर्मी बढ़ने से जंगलों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। झूमाधुरी, गलचौड़ा, भवल्टा और बरदाखान के जंगलों में भीषण आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। दमकल और वन कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं।
शुक्रवार देर शाम को पाटन पाटनी के मां झूमाधुरी मंदिर क्षेत्र के चीड़ के जंगल में अचानक आग लग गई। तेज हवाओं के साथ आग जंगल में फैल गई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं गलचौड़ा के मां भगवती मंदिर से ऊपर के जंगल में आग लगी हुई है।
वहीं चांदमारी, भवल्टा के जंगल में आग लगने से बांज, बुरांश, फल्यांठ, काफल के छोटे-छोटे पौधे सहित जंगली जानवरों के आशियाने जलकर नष्ट हो हो गए हैं। जंगलों में आग लगने से क्षेत्र में धुंध ही धुंध छा गई है जिससे सांस के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोग आंखों में जलन से परेशान हैं। बाराकोट के बरदाखान क्षेत्र के जंगलों में लगी आग नदेड़ा गांव पहुंच गई है। ग्रामीण भास्कर जोशी, नवीन जोशी, दीपांशु जोशी ने बताया कि क्षेत्र के भनखोला, छुलापें और भनार के जंगलों में आग लगी हुई है। नदेड़ा ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग से चारे का संकट, दूध उत्पादन घटने की आशंका
पिथौरागढ़। वनों में लगी भीषण आग और सूखे के हालात से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चारे का संकट पैदा हो गया। जंगलों की आग से चारा प्रजाति के पौधों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण किसी तरह चारे का प्रबंध कर रहे हैं। दुग्ध संघ का मानना है कि अगर इसी तरह जंगलों में आग लगी रही तो भविष्य में दूध का उत्पादन गिर सकता है।
जंगलों और आबादी के निकट आग लगने से बांज, फल्याट, खड़िक, खर्सू, कौल, तिमुल सहित कई अन्य चारा प्रजाति के पौधों को नुकसान पहुंचा है। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेत भी सूखे नजर आ रहे हैं। इस कारण खेतों से भी ग्रामीणों को हरा चारा नहीं मिल पा रहा है।
कोट
जंगलों में अगर इसी तरह आग लगी रही तो भविष्य में दूध का उत्पादन गिर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालक मानसूनकाल के लिए सुखाकर रखने वाली घास का इस्तेमाल कर रहे हैं। - प्रह्लाद सिंह, प्रबंधक दुग्ध संघ पिथौरागढ़।
जंगलों में आग आबादी में पहुंच रहे वन्यजीव
पिथौरागढ़/झूलाघाट। सीमांत जिले में वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। झूलाघाट क्षेत्र के कानड़ी, बलतड़ी, तड़ीगांव, गेठीगाड़ा, बनाड़ा, मजिरकांडा, भटेड़ी, अमतड़ी और रणवां के जंगलों में आग से वन संपदा और वन्यजीवों को काफी नुकसान पहुंचा है। कुछ जानवर अपनी जान बचाने के लिए आबादी की ओर आ रहे हैं तो उनके पीछे शिकार की तलाश में तेंदुए भी पहुंच रहे हैं। बीते दिन गेठीगाड़ा के भेलानी निवासी बिरेंद्र सिंह बिष्ट के घर तक दिन रहते ही तेंदुआ धमक गया। उस समय उनका छोटा बच्चा बाहर खेल रहा था। तेंदुए को देख उनका पालतू कुत्ता भौंकने लगा। तेंदुए ने कुत्ते पर हमला बोल दिया। आस-पड़ोस के लोगों के हल्ला मचाने पर तेंदुआ भाग गया। तेंदुआ अगले दिन ही गेठीगाड़ा गांव में हरीश गोबाड़ी के घर धमक गया।
इधर भेलानी तोक में घरों तक पहुंची आग को ग्रामीणों ने बुझाया। ग्रामीण खेम सिंह बिष्ट ने बताया कि जंगल की आग घर तक पहुंचने से वे रातभर सो नहीं पाए। गेठीगाड़ा की प्रधान देवकी देवी और सरपंच पुष्कर सिंह गोबाड़ी ने बताया कि जंगलों में आग लगने से ग्रामीणों के खतरा काफी बढ़ गया है। उधर अस्कोट में पिरूल गिरने से आग फिर से धधकने लगी है। बंगापानी क्षेत्र में छाई धुंध से लोग आंखों में जलन, सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं।
इनसेट
मिर्थी में बाजार तक पहुंची आग
डीडीहाट। नगर और आसपास के जंगलों में लगी आग विकराल होती जा रही है। मिर्थी के जंगलों में लगी आग बाजार के नजदीक पहुंच गई है। लोग कड़ी मशक्कत कर किसी तरह आग बुझाने में लगे हैं। डीडीहाट वन क्षेत्र के तहत आने वाले आधे से अधिक जंगल 15 दिनों से आग की चपेट में हैं। आग की चपेट में कई जंगली जानवर भी आने लगे हैं। रेंजर बीएस अल्मियां ने बताया कि जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली जा रही हैं। संवाद
पाटी क्षेत्र में धुएं से लोग बेहाल
पाटी/चंपावत। पाटी क्षेत्र में जंगलों की आग से लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। पटनगांव, गोलना सेरी, पाटी स्टेशन के समीप आग लगने से रात से ही धुंआ ही धुंआ छाया है। इस कारण लोगों को सांस लेने और आखों में जलन के साथ-साथ गला जाम होने की समस्या आ रही है। लोगों का कहना है कि आग लगाने वाले जंगल, वन्य जीव, मानव जाति को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। संवाद
बूम वन रेंज में लगी आग, एक कर्मी हुआ बेहोश
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के बूम वन रेंज के जंगल में शुक्रवार देर शाम को भीषण आग लग गई। वन कर्मियों ने बमुश्किल आग को फैलने से रोका। इस बीच एक वन कर्मी धुएं से बेहोश हो गया जिसका उप जिला अस्पताल में इलाज किया गया। रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि अग्नि सुरक्षा में तैनात कर्मियों को शुक्रवार देर शाम और रात को आमखरक तोक के नाप खेतों और कक्ष संख्या एक के मिलान पर धुआं दिखाई देने पर माॅडल क्रू स्टेशन बस्तिया से टीम को भेजा गया। इस बीच धुएं से टीम में शामिल कर्मी अजय अधिकारी बेहोश होकर गिर गया। टीम लीडर डिप्टी रेंजर पुष्कर दत्त भट्ट ने अन्य सदस्यों के साथ कर्मचारी को उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर कर्मी को घर भेज दिया गया। संवाद
वनों को आग से बचाने के लिए जागरूक किया
टनकपुर (चंपावत)। दोगाड़ी वन रेंज से सटे जौलासाल रेंज में वन विभाग की ओर से आग से वनों की सुरक्षा के लिए संयुक्त अभियान चलाया गया। लोगों से जंगल में ज्वलनशील पदार्थ न लाने, जलती बीड़ी-सिगरेट न फेंकने और आग लगाने वाले शरारती तत्वों को पकड़ने में सहयोग की अपील की गई। साथ ही वनों के संरक्षण और सुरक्षा में योगदान पर जोर दिया गया। अभियान में राकेश सिंह, धरम सिंह मेहता, रजत नाथ, अवतार सिंह, दीपक परिहार समेत अनेक कर्मी शामिल रहे। संवाद
खड़ी स्कूटी में अज्ञात कारणों से लगी आग
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट ब्लाक के तल्ली गौड़ीहाट गांव में सड़क के किनारे खड़ी कैलाश सिंह बिष्ट की स्कूटी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग से पूरी स्कूटी जलकर नष्ट हो गई है। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ लोगों ने स्कूटी से धुआं निकला देखा। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते स्कूटी जलकर नष्ट हो चुकी थी। स्कूटी में आग कैसी लगी इस बारे में कोई जानकारी नहीं लग पाई है। झूलाघाट के थाना प्रभारी सुरेश कंबोज ने बताया कि मामले में फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है। संवाद
थलकेदार के जंगलों में लगी आग
पिथौरागढ़। थल केदार के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। बड़ाबे के पूर्व ग्राम प्रधान विपिन जोशी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए 10 से 15 ग्रामीण जा रहे थे लेकिन रास्ते तक भीषण आग के पहुंचने से वे आगे नहीं बढ़ सके। उन्होंने वन विभाग से आग पर काबू पाने की मांग की है। संवाद