नैनीताल जिले की सीमा से लगे बिनवालगांव, नौलियागांव, गोलडांडा, साल, टांण समेत भुम्वाड़ी, कनारी, झलकपुर समेत कई गांवों में दिन ढलते ही लो-वोल्टेज की समस्या हो रही है। ग्रामीणों द्वारा केवल घरेलू उपयोग के लिए ही बिजली का संयोजन लिया हुआ है और उन्हें सिर्फ रात को उजाले के लिए ही बिजली की जरूरत है, मगर यह उजाला भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण केरोसिन के लैंप या छिलके से उजाला करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे विभाग से लगातार फरियाद कर रहे हैं। अब तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं होने से लोग बिजली कनेक्शन काटने का भी मन बना रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य भोला बोहरा समेत गोविंद नौलिया, रघुवर सिंह, गंगा सिंह, दुर्गा सिंह, मोहन सिंह, पान सिंह आदि का कहना है कि यहां के बिजली के तारों में जंग लगने के कारण यह समस्या पैदा हुई है, जिसे विभाग नजरंदाज करता आ रहा है।
विभाग उठा रहा कदम : एसडीओ
बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी एचएस सौन का कहना है कि पाटी ब्लॉक के अधिकांश गांवों में यह समस्या बनी है। लगभग 80 किमी लंबी लाइनों को बदलने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में शामिल किया जा रहा है। इसके लिए 20 किमी लंबी लाइन बदलने के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, इससे गोशनी, जाख, जनकांडे, सिरतोली, सिरमोली, खुतेली से मूलाकोट तक करीब 24 गांवों को लो-वोल्टेज से निजात मिल जाएगी।