फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धूमधड़ाके से खुली आईटीआई, अब इसे चलाना चुनौती

Sun, 15 Nov 2015 10:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
विज्ञापन
विज्ञापन
नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के मंच में धूमधड़ाके के साथ सितंबर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) तो खुल गया पर अब चुनौती इस खुले संस्थान को चलाने की है। छात्रों के दाखिले हो चुके हैं, लेकिन कक्षाएं कब और कैसे चलेंगी, यह किसी को पता नहीं।
विज्ञापन


मंच के आईटीआई में इलेक्ट्रिकल्स और कंप्यूटर ऑफ प्रोग्रामिंग एप्लीकेशन (कोपा) ट्रेड है। व्यवस्था के तौर पर यहां के राजकीय इंटर कॉलेज के कुछ कमरों में इसे शुरू किया गया। प्रवेश की प्रक्रिया भी पूरी हुई। कुल 80 सीटों की क्षमता वाले इन ट्रेडों में प्रवेश महज 18 हुए हैं, मगर दाखिलों से आगे पढ़ाई की कोई व्यवस्था अब तक शुरू नहीं हो सकी है और कब होगी, इसका ठीक-ठीक उत्तर भी किसी के पास नहीं है।

अभी आईटीआई के एक भी पद को सृजित नहीं किया जा सका है। अनुदेशक, फोरमैन, बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मी के पद यहां के लिए जरूरी हैं। चंपावत आईटीआई के प्रभारी वीके राजदौर का कहना है कि कक्षाओं को जल्द संचालित किया जाएगा। इसके लिए टनकपुर आईटीआई से इक्का-दुक्का कर्मियों को मंच संबद्ध किया जा रहा है।
विज्ञापन


तो क्या फायदा ऐसी संस्थाओं से
सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह महर सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि प्रवेश पूरे होने के बाद कक्षाओं के शुरू नहीं होने का नुकसान छात्रों को उठाना पड़ेगा। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की खास सुविधा नहीं होने से शैक्षिक स्तर भी कमतर होता है। ऐसे में समय से कक्षाएं नहीं चलने से ये संस्थान बस संख्या बढ़ाने भर के लिए रह गए हैं। उन्होंने अविलंब नियमित रूप से कक्षाएं शुरू करने की मांग की है।

भवन के लिए मंजूर हुआ धन
आईटीआई भवन के लिए जमीन को अंतिम रूप दे दिया गया है। साथ ही भवन के लिए 195.47 लाख रुपये स्वीकृत हुए है। इस रकम की पहली किश्त रिलीज भी कर दी गई है। कार्यदाई संस्था का कहना है कि जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें