चंपावत में आयोजित वन कर्मचारियों की बैठक को संबोधित करते वक्ता।
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सहायक वन कर्मचारी संघ और वन बीट अधिकारी संघ ने पौधों की क्षति की वसूली कर्मचारियों से किए जाने का विरोध किया है। संगठन ने विभागीय निर्माण कार्यों को टेंडर के जरिये कराए जाने व फील्ड कर्मचारियों को वीट सहायक उपलब्ध कराए जाने की भी मांग की है।
रविवार को रेंज कार्यालय में अध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह नयाल और बची सिंह बिष्ट के संचालन में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। कर्मचारियों का कहना था कि दैवी आपदा और जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाए गए पौधों की वसूली संबंधित कर्मचारियों से की जाती है। जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस वसूली को बंद किए जाने की मांग की।
चंपावत वन प्रभाग में अवैध कटान, छिलका गुलिया संग्रहण आदि कामों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। बिना किसी ठोस वजह के कर्मचारियों पर कार्यवाही किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। कर्मचारियों ने प्रभाग के हर बैरियर में वन उपज तौलने के लिए धर्मकांटा लगाने की मांग की। बिना अनुमति वाले वन क्षेत्रों से जड़ी बूटी संग्रहण करने की संभावनाओं को खत्म करने के लिए वन उपज संग्रहण की अनुमति पूरे वन क्षेत्रों से दिए जाने पर जोर दिया। वन रक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर प्रशिक्षण दिए जाने की मांग भी उठी।
इसके अलावा वन कर्मियों को वर्दी भत्ता देने, अवैध निकासी प्रकरण में निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने और लीसा कूप वास्तविक गणना के आधार पर खोलने की मांग की गई। बैठक में प्रभागीय मंत्री पुष्कर सिंह बोहरा, पुष्कर भट्ट, जमन सिंह, मोहन धामी, गिरीश जोशी और लक्ष्मण सिंह नयाल समेत तमाम कर्मचारी मौजूद थे।