अपनी मांगों को लेकर लोहाघाट में नारेबाजी करते राज्य चतुर्थवर्गीय कर्मचारी।
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राज्य चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ (शिक्षा विभाग) की बैठक में कर्मचारियों ने शासन द्वारा उनकी मांगों की अनदेखी किए जाने पर आक्रोश जताया। इस मौके पर मांगों को लेकर शासन के उपेक्षात्मक रवैये पर आक्रोश जताया। न्यायोचित मांगों को समय रहते पूरा न होने पर आंदोलन करने के साथ आगामी बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है।
राजकीय जिला शाखा पुस्तकालय में रविवार को संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह मेहता की अध्यक्षता और महामंत्री केएस फर्त्याल के संचालन में हुई बैठक में मांगों की अनदेखी पर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। संगठन ने कहा कि लंबे समय से संघ द्वारा योग्यताधारी कर्मचारी की पदोन्नति, 26 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद ग्रेड पे 4200 रुपये देने, चिकित्सा अवकाश और उपार्जित अवकाश प्रधानाचार्य स्तर पर स्वीकृत करने, शासनादेश के अनुसार शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन वर्दी देने, सीईओ से कर्मचारी संगठन को विश्वास में लिए बिना किसी भी चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का स्थानांतरण और संबद्धीकरण नहीं करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन उनकी न्यायोचित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
इस मौके पर नवीन चंद्र, गोविंद बल्लभ ओली, जगदीश चंद्र, घनश्याम भट्ट, केशव राम, नवीन नेगी, कमल पुजारी, प्रदीप कुमार, नारायण राम, नारायण सिंह, कमल राय, नवीन नेगी, सतीश जोशी, बंशीधर जोशी, बहादुर सिंह, कमला, कविता आदि मौजूद थे।