टनकपुर (चंपावत)। तीन दिन पहले रात में अपने बीमार शिशु को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे एक दंपति को डॉक्टर की दुत्कार झेलनी पड़ी। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि रात में अस्पताल में कोई डॉक्टर न मिलने पर वे बीमार शिशु को लेकर डॉक्टर के घर पहुंच गए। डॉक्टर के इस रवैये से आहत गुरुद्वारा सिंह सभा के शिष्टमंडल ने मंगलवार को तहसील के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेज मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
गुरुद्वारा सिंह सभा के ग्रंथी ज्ञानी प्रताप सिंह के मुताबिक 24 सितंबर की रात करीब 12 बजे उनके शिशु की तबीयत अचानक खराब हो गई। पत्नी के साथ वे शिशु को लेकर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे तो अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला। अस्पताल में सोए एक कर्मचारी के बताने पर वे बच्चों के डॉक्टर के घर चले गए। डोर बेल बजाने पर डॉक्टर ने दरवाजा तो खोला, लेकिन शिशु के बीमार होने की बात बताते ही वे बिफर पड़े।
डॉक्टर ने न सिर्फ उन्हें आवास से बाहर निकलने को कहा बल्कि शिशु का उपचार करने से भी इंकार कर दिया। मजबूरन उन्हें आनन-फानन में रात में ही खटीमा जाकर शिशु का उपचार कराना पड़ा। डॉक्टर के रवैये से खिन्न गुरुद्वारा सिंह सभा के शिष्टमंडल ने मंगलवार को तहसील के माध्यम से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, डीएम को ज्ञापन भेज मामले की जांच करा कार्रवाई का आग्रह किया है।
ज्ञापन देने वालों में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सुरजीत सिंह, मनमीत सिंह, रविंद्र सिंह, सर्वजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, जसवंत सिंह आदि थे। वहीं संयुक्त चिकित्सालय टनकपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी कहते हैं कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर पीड़ित दंपति ने मामले की लिखित शिकायत की तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।