डांडा, ककनई और आसपास के 26 छात्र-छात्राओं को पहले बड़े इम्तिहान के लिए खूब मशक्कत करनी होगी। हाईस्कूल के इन बच्चों को गांव के पास पढ़ाई करने की सुविधा तो है, लेकिन परीक्षा देने की नहीं। यहां के नौनिहालों को हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा के लिए 35 किलोमीटर पैदल दूरी तय करने के बाद 24 किलोमीटर का मोटर मार्ग और तय करना होगा।
सूखीढांग से 35 किलोमीटर दूर पैदल मार्ग पर स्थित डांडा राजकीय इंटर कॉलेज का परीक्षा केंद्र आमबाग राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाया गया है। पिछले साल उच्चीकृत कर इसे इंटर का दर्जा दिया गया है। इस साल यहां ग्यारहवीं तक ही कक्षाएं चल रही है। डांडा, ककनई और आसपास के गांव के हाईस्कूल के 26 छात्रों को इस केंद्र तक पहुंचने के लिए 35 किमी पैदल चलने के अलावा 24 किमी का मोटर मार्ग से सफर करना मजबूरी है।
इस परेशानी को देखते हुए अभिभावक इन छात्रों की बोर्ड परीक्षा के दौरान टनकपुर में कमरा किराए में लेकर रहते हैं। छात्रों का कहना है कि घर से दूर परीक्षा देने जाने से न केवल अतिरिक्त खर्च होता है, बल्कि उनकी तैयारी पर भी असर पड़ता है, जिस कारण उनके नंबर भी कम आते हैं।
ग्राम प्रधान खष्टी देवी का कहना है कि 2005 में हाईस्कूल बने डांडा में सबसे पहले भजनपुर परीक्षा केंद्र बना। इसके बाद बनबसा शारदा इंटर कॉलेज, टनकपुर राधे हरि जीआईसी और इस साल आमबाग का उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
एकल स्कूल वाले हैं 18 परीक्षा केंद्र
एक तरफ दूरस्थ डांडा जीआईसी के छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए 59 किमी दूर जाना पड़ रहा है, वहीं जिले में 18 केंद्र ऐसे हैं, जहां मात्र एकल स्कूल के छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। दियारतोली जीआईसी में 27, सिप्टी में 28, मंच में 33, चौड़ाकोट में 34, रीठाखाल में 34, रेगड़ू में 36, रौसाल में 37, तामली में 42, मडलक में 49, कर्णकरायत में 53, बर्दाखान में 60, खेतीखान जीआईसी में 64, खेतीखान जीजीआईसी में 70, देवीधुरा में 80, सैलानीगोठ जीआईसी में 110, सैलानीगोठ जीआईसी में 110, लोहाघाट जीजीआईसी में 118, दिगालीचौड़ में 135 छात्र परीक्षा देंगे।
बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा परिषद करता है। इसके निर्धारण में छात्र संख्या के अलावा स्कूल और परीक्षा केंद्रों के बीच की दूरी का मानक है। इस साल हाईस्कूल के 5404 छात्र-छात्राओं के लिए 38 केंद्र और इंटरमीडिएट के 4035 छात्र-छात्राओं के लिए 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। डांडा 2015 में उच्चीकृत होकर राजकीय इंटर कॉलेज बना। अगले साल यहां इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी भी होंगे। यहां के हालात को देखते हुए विभाग भविष्य में डांडा का प्रस्ताव भेजेगा। -एचएस मियान, प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।