चंपावत जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन रोडवेज बस स्टेशन परिसर।
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जिला मुख्यालय में तमाम दावों के बाद भी उत्तराखंड परिवहन निगम का बस स्टेशन अस्तित्व में नहीं आ सका है। जिला प्रशासन की ओर से इस वर्ष जनवरी माह में रोडवेज स्टेशन से बसों का संचालन शुरू किए जाने का दावा किया था। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी बस स्टेशन का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में स्टेशन परिसर में सभी प्रकार की निर्माण संबंधी गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं।
जिला मुख्यालय में रोडवेज का बस स्टेशन बनाए जाने की कवायद बीते दो वर्षों से चल रही है। शासन की ओर से बस स्टेशन निर्माण के लिए बजट आवंटन नहीं किए जाने से डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने जिला योजना मद से रोडवेज बस स्टेशन के निर्माण के लिए धनराशि मुहैया कराई। जिसके बाद बस स्टेशन की चहारदीवारी, प्रवेश और निकासी गेट, सुलभ शौचालय और प्रतीक्षालय का निर्माण करने के साथ ही परिसर की भूमि समतलीकरण की जा चुकी है। अब स्टेशन के फर्श में डामरीकरण से पूर्व पत्थरों का भरान किया जाना है। पत्थरों के भरान के लिए एडीएम हेमंत कुमार वर्मा की ओर से बारहमासी सड़क के निर्माण कार्य में लगी कंपनियों को निर्देशित किया गया था। लेकिन एक पखवाड़े पूर्व संबंधित कंपनियों की ओर से पत्थरों के बजाए मिट्टी से भरान किया जा रहा था, जिसे लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। जिसके बाद से पत्थर भरान का कार्य रुका हुआ है।
भरान की गई मिट्टी के दबने के बाद होगा काम
चंपावत। अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा का कहना है कि रोडवेज बस स्टेशन के परिसर में भरान की गई मिट्टी के बरसात में दबने के बाद कंक्रीट और डामरीकरण का कार्य किया जाएगा।