टनकपुर (चंपावत)। बुधवार तड़के करीब डेढ़ घंटे हुई मूसलाधार बारिश से क्षेत्र के नदी-नाले फिर उफान पर आ गए। सुबह के वक्त पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा और बाटनागाड़ नाले ने डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रखा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्र में बारिश से शारदा उफान पर आ गई। दोपहर तीन बजे तक नदी का जल स्तर 1 लाख 84 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया था। लगातार बढ़ते जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने दोपहर बाद शारदा घाट क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर आसपास के मकानों को खाली करा दिया और घाट क्षेत्र में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। उधर, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, तहसीलदार पूनम पंत, सीओ आरएस रौतेला एवं कोतवाल अरुण कुमार वर्मा के नेेतृत्व आपदा राहत टीम घाट क्षेत्र में डेरा जमाए रही।
मूसलाधार बारिश से दोपहर के वक्त शारदा नदी उफान पर आ गई, इससे कई मकानों के साथ ही स्नानघाट एवं यात्री विश्राम टिनशेड जलमग्न हो गए। जल स्तर बढ़ते ही एसडीएम, तहसीलदार, सीओ, कोतवाल और पालिका के ईओ जयवीर सिंह राठी, आपदा सेक्टर टीम के मुखिया एई आरके यादव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जलमग्न हुए मकानों को खाली कराकर बाढ़ की चपेट में आए घाट क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। एसडीएम एवं तहसीलदार ने बताया कि शारदा की बाढ़ से खतरे के लिहाज से 42 मकानों को संवेदनशीलता की श्रेणी में रखा गया है। जलमग्न हुए नदी तट के कुछ मकानों को खाली कराकर प्रभावितों के लिए बाढ़ राहत कैंप पंचमुखी धर्मशाला में रहने एवं भोजन की व्यवस्था की गई है।
ढाई घंटे पहले डीएम ने किया था स्नानघाट क्षेत्र का निरीक्षण
शारदा के उफान पर आने से करीब ढाई घंटे पहले ही डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने शारदा स्नानघाट क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने स्नानघाट एवं नदी तट पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही घाट में लाउडस्पीकर से लोगों को खतरे से अलर्ट करने के निर्देश दिए थे। स्थानीय प्रशासन बैरिकेडिंग करता इससे पहले ही नदी के उफान से अफरा-तफरी मच गई।
बनबसा बैराज में रेड अलर्ट
बनबसा। शारदा का जलस्तर एक लाख क्यूसेक पार करते ही बनबसा बैराज में रेड अलर्ट जारी कर भारत-नेपाल के बीच वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते यात्रियों को दोनों देशों के बीच बैराज से पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी। अलबत्ता बैराज के आर-पार ई-रिक्शा एवं अन्य वाहनों का संचालन जारी रहा। बता दें कि शारदा का जलस्तर एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही बैराज से वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी जाती है।