तीन दिनी जोड़ मेला खत्म होने के बावजूद श्रीरीठा साहिब में सिख श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। बड़ी तादाद में अब भी तीर्थयात्री यहां पहुंच गुरुद्वारे में मत्था टेक रहे हैं, लेकिन काफी लोग नियमों को ताक पर रख ट्रकों से आवाजाही कर रहे हैं। जबकि 31 मई को हुए हादसे के बाद प्रशासन ने ट्रकों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया था।
31 मई को चल्थी के पास ट्रक हादसे में 51 तीर्थयात्री घायल हो गए थे। तब प्रशासन और परिवहन विभाग ने ट्रकों को बनबसा से आगे नहीं बढ़ने देने का दावा किया था। मगर दुर्घटना के कुछ दिनों बाद से तीर्थयात्री कैंटर और ट्रकों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। उधर प्रशासन का कहना है कि नियमों को तोड़ कर आवाजाही करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
पीएलवी ने शिविर लगा कानूनी साहित्य बांटा
चंपावत। श्रीरीठा साहिब में अर्द्ध विधिक स्वैच्छिक स्वयंसेवक (पीएलवी) हयात राम ने लोगों को बुनियादी कानूनी जानकारी दी। 30 मई से हुए तीन दिनी जोड़ मेले से अब तक उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को कानूनी साहित्य वितरित किया। साथ ही इलाके में चल रही मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।