कूड़ा निस्जिले के लोहाघाट नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को कूड़ा निस्तारण को लेकर लोहाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष, सभासदों और नागरिकों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर क्षेत्र के जल्द कूड़ा निस्तारण की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा, पूर्व चेयरमैन लता वर्मा, पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी पीएस मेहता के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ ग्रामीण निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में मौके पर पहुंचे एसडीएम, ईओ और वन अधिकारियों तथा ग्रामीणों के बीच वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका है।
जबकि पूर्व में ट्रंचिंग ग्राउंड को टिन से कवर करने और कूड़ा टिनशेड के अंदर डाले जाने पर सहमति बनी थी। उन्होंने प्रशासन से कूड़े के जल्द निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई। वहां सभासद नवीन नाथ गोस्वामी, बीना कन्नौजिया, दीपक साह, भुवन गोरखा, मीना ढेक, राजकिशोर साह, हेम पांडेय, दीपा गोस्वामी आदि थे।
लोहाघाट में कूड़ा निस्तारण के लिए वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीन में निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड में मरम्मत के बाद कूड़ा डालने की सहमति बनाई जा रही है। केएस बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।
कई मोहल्लों में छठें दिन भी नहीं उठ सका कूड़ा
लोहाघाट (चंपावत)। कलीगांव के लोगों के कड़े विरोध के कारण लोहाघाट नगर में कई मोहल्लों में छठें दिन भी कूड़ा नहीं उठ सका। पर्यावरण मित्रों की ओर से कई स्थानों से कूड़ा उठाकर उसे डंप किया जा रहा है। कलीगांव के ग्रामीणों के विरोध के चलते कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है जिससे नगर में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के वीवीआईपी डाक बंगला रोड, डिग्री कॉलेज रोड, गांधी चौक, पिथौरागढ़ रोड, एसडीएम कोर्ट के पास आदि कई स्थानों में कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर के बीचों बीच स्थित केंद्रीय विद्यालय और प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कलीगांव के लोगों का कहना है कि नगर के कूड़े के चलते जहां उनकी कई पेयजल योजनाएं दूषित हो रही हैं।
वहीं मक्खी मच्छरों, दुर्गंध से उनका जीना मुहाल बना हुआ है। कूड़ा जलने के बाद उसके धुएं से लोग परेशान रहते हैं। ग्रामीण चंदाखाल में निर्माणाधीन ट्रंचिग ग्राउंड को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इधर पर्यावरण मित्र और वाल्मीकि समाज के सरपंच हरचरन का कहना है कि पर्यावरण मित्र पूरे मनोयोग से सफाई कार्य में जुटे रहते हैं।
चंदा खाल में कूड़ा डालने पर कलीगांव के लोग विरोध कर रहे हैं। वहीं एक दिन चंपावत के ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने पर वहां भी लोग आंदोलन पर उतर आए तो वे कूड़ा कहां डालें।
यदि महामारी फैली तो प्रशासन होगा जिम्मेदार
लोहाघाट (चंपावत)। नगर पंचायत के चेयरमैन गोविंद वर्मा का कहना है कि राज्य सरकार ने चंदाखाल में ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण के लिए नगर पंचायत को 30 साल के लिए भूमि लीज पर दी है लेकिन कुछ ग्रामीणों के कारण वहां पर कूड़ा डालने का जबरदस्त विरोध हो रहा है। इससे वह नगर का कूड़ा लोहाघाट के कई हिस्सों में डंप करने के लिए मजबूर हैं।
कूड़े के ढेर के पास केंद्रीय विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय भी हैं जहां से बच्चों के उल्टी करने की शिकायत भी आ रही है लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है। अगर नगर में महामारी फैलती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
चंपावत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते लोहाघाट नगर पंचायत के अध्यक्ष और सभासद।- फोटो : CHAMPAWAT