जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में लंबे समय से लटके 12 पुलों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। देहरादून में 27 अगस्त को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथोरिटी (यूएसडीएमए) की बैठक में इसे हरी झंडी दी गई। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद लोनिवि का विश्व बैंक खंड अब इन 12 पुलों के स्थलीय निरीक्षण के साथ डीपीआर (विस्तृत प्रगति रिपोर्ट) बनाने की तैयारी कर रहा है।
इन पुलों से जिले की 35 हजार से अधिक आबादी को लाभ होगा। सहायक अभियंता श्याम शुभम ने बताया कि जिले में 12 पुलों को यूएसडीएमए से प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। विभाग स्थलीय निरीक्षण के साथ अन्य कार्रवाई में जुट गया है। जल्द शासन को डीपीआर बना कर भेज दी जाएगी।
इन 12 पुलों को मिली है प्रशासनिक स्वीकृति:
1.ग्राम पंचायत नीड़ के बालकेश्वर तोक में लोहावती नदी पर 35 मीटर पुल।
2.तल्ली मादली से चौड़ा गांव मोटर मार्ग पर 35 मीटर पुल।
3.चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग पर 35 मीटर पुल।
4.गैंडाख्याली से उचोलीगौठ में 55 मीटर पुल।
5.नायकगोठ से हनुमानगढ़ी से खतेड़ा थ्वालखेड़ा मोटर मार्ग पर 120 मीटर पुल।
6.चल्थी से झालाकुड़ी के बीच 65 मीटर पुल।
7.क्वैराला नदी में ग्राम लफड़ा के स्यूली में 40 मीटर पुल।
8.क्वैराला नदी में नदोला अमकड़िया के रनका तोक में 35 मीटर पुल।
9.ग्राम पंचायत रमैला में बालेश्वर नदी पर 35 मीटर पुल।
10.चौड़ामेहता से रीठासाहिब गुरुद्वारा में 40 मीटर पुल।
11.पनार नदी पर रैघाड़ी सुंगरखाल के बीच 120 मीटर पुल।
12.ग्राम पंचायत थपलिया गूंठ से सिलोड़ीगूंठ तक 65 मीटर पुल।