बनबसा (चंपावत)। नगर पंचायत के पर्यावरण मित्र दो सूत्री मांगों के लिए शनिवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। तीन माह के वेतन, ईपीएफ का भुगतान के लिए वह आंदोलन कर रहे हैं। वहीं नगर पंचायत प्रशासन के नोटिस के बाद भी पब्लिक एसोसिएट कंपनी रुद्रपुर का सफाई ठेकेदार बनबसा नहीं पहुंचा। इसलिए बोर्ड ने ठेका निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर ठेकेदार को सूचना दे दी है।
नगर पंचायत के पर्यावरण मित्र 25 मार्च से कार्य बहिष्कार पर हैं। ठेकेदार ने उन्हें तीन माह का मानदेय एवं ईपीएफ का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्षा रेनू अग्रवाल एवं ईओ प्रियंका रैक्वाल को 22 मार्च को ज्ञापन सौंपा जनवरी 2022 से मार्च 22 तक का मानदेय एवं ईपीएफ का भुगतान कराने की मांग की थी। नगर पंचायत प्रशासन ने 24 मार्च को ठेकेदार को 24 घंटों में मामले का निस्तारण करने को नोटिस दिया था लेकिन ठेकेदार ने न कोई बात की और न ही वह बनबसा आया। इसलिए शनिवार को हुई नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में ठेकेदार का ठेका निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। ईओ ने बताया कि ठेकेदार को अवगत करा पर्यावरण मित्रों का मानदेय देने पर ही उसका लंबित भुगतान करने के लिए कहा गया है। अन्यथा नगर पंचायत प्रशासन अपने स्तर से पर्यावरण मित्रों का भुगतान कर उसके लंबित भुगतान से रकम वसूलेगा। यहां चल रहे पूर्णागिरि मेले के कारण क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगने लगा है। उधर शनिवार को धरने पर शाखा अध्यक्ष प्रमोद रत्नाकर, महामंत्री अरुण वाल्मीकि के नेतृत्व में राज किरण, नन्हें लाल, निखिल, सौरभ, शानू देवी, कमलेश देवी, नीलम देवी, सोनू देवी, मिथलेश देवी, सागर, महेंद्र पाल, विजय पाल आदि बैठे रहे।
आउटसोर्स कर्मियों ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग की
पिथौरागढ़। कोरोना महामारी के दौरान आउटसोर्स पर रखे कर्मियों ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है। कहा कि उन्होंने अपनी जान पर खेलकर कोरोनाकाल में कार्य किया। उनका अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो रहा है। इसके बाद वह बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने डीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर अनुबंध बढ़ाने की मांग की है। इस मौके पर अनिल कुमार, विमल, सौरभ पुनेड़ा, लोकेश भट्ट, जितेंद्र सिंह, अंशू लोहनी, मनीषा लोहिया, प्रियंका, कविता, सपना आदि मौजूद रहे।