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12 सूत्री मांगों के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

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विभिन्न मांगों को लेकर लोहाघाट में प्रदर्शन करती आशा वर्कर्स। - फोटो : LOHAGHAT
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चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। मानदेय, सरकारी कर्मचारी घोषित करने सहित 12 सूत्री मांगों के लिए आशा वर्करों ने सोमवार से दो दिनी हड़ताल शुरू कर दी है। आशाओं ने मांगों की लगातार अनदेखी करने पर सरकार के प्रति गहरी नाराजगी जताई।
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केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों और फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर आशा संगठन की ओर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को विरोध, प्रदर्शन किया गया। चंपावत में रुक्मिणी जोशी, हेमा जोशी, उमा जोशी, तनुजा पांडेय, संगीता आदि ने सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। टनकपुर में लीला महर, जानकी देवी, प्रेमवती, सीमा देवी, रेखा रावल, गीता चंद, प्रमिला सिंह, सुमन बोहरा, रीता राय, कविता आदि ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। उधर जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा के नेतृत्व में आशाओं ने उप जिला अस्पताल लोहाघाट में प्रदर्शन किया।
आशाओं ने उनका मानदेय न्यूनतम 10 हजार रुपये करने की मांग की। उनका कहना था कि उनसे चिकित्सा कार्यों समेत विभिन्न कार्य लेने के बावजूद उन्हें मात्र चार हजार रुपये मिलते हैं। आशाओं ने उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने आदि की मांग की। पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता ने भी आशाओं को समर्थन दिया। पदमा प्रथोली, निर्मला पंत, हेमा कलौनी, कौशल्या पांडेय, आइसा बानो, मीना रावत, कमला माहरा, हेमा जोशी, आशा देवी, नीमा देवी आदि हड़ताल पर रहीं।
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पिथौरागढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 12 सूत्री मांगों के लिए सरकार के खिलाफ पिथौरागढ़ में प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोमवार को अध्यक्ष दीपा पांडे के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुईं। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत सभी स्कीम वर्कर्स को नियमित कर न्यूनतम वेतनमान देने की मांग की। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से किए वायदे पूरे करने, 26 हजार न्यूनतम वेतन और दस हजार रुपये मासिक पेंशन लागू करने, देश की संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाने, बढ़ती बेरोजगारी को रोकने के लिए तत्काल खाली पदों पर नियुक्तियां करने, कमरतोड़ महंगाई पर रोक लगाकर जनता को राहत पहुंचाने, श्रमिक विरोधी चारों श्रम कानून रद्द करने, पुरानी पेंशन बहाली, समान कार्य के लिए समान वेतन देने, एलआईसी का आईपीओ वापस करने, बैंकों के निजीकरण बंद करने, आईडीबीआई बैंक को निजी हाथों में न देने की मांग की। उन्होंने असंगठित मजदूरों को 10 हजार रुपये देने और किसानों के खिलाफ दर्ज सारे मुकदमे वापस लेने की मांग की। इस मौके पर भगवती उप्रेती, हेमा गुरुरानी, उषा गुरुरानी, जानकी भंडारी, हेमा जोशी, मीना बिष्ट, चंद्रा बोहरा, दया पांडेय, निर्मला पंत सहित रहीं।
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