जिले में स्थित सप्तेश्वर जल विद्युत परियोजना जल्द ही शुरू हो जाएगी। वर्तमान में उरेडा विभाग के माध्यम से जल विद्युत परियोजना का मरम्मत कार्य 95 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से मशीनों की टेस्टिंग की तैयारी शुरू की जा रही है। सप्तेश्वर जल विद्युत परियोजना की मरम्मत के लिए उरेडा ने डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी थी।
शासन स्तर से 300 किलोवाट की जल विद्युत परियोजना को तैयार करने के लिए 40 लाख की धनराशि मिल चुकी है। उसके बाद कार्यदायी संस्था ने जल विद्युत परियोजना की मरम्मत का कार्य शुरू किया। वर्तमान में जल विद्युत परियोजना में मशीनों का बदलने का काम लगभग पूरा हो गया है।
मनमोहन जंगपागी, जेई उरेडा चंपावत ने कहा कि सप्तेश्वर जल विद्युत परियोजना का मरम्मत कार्य पूरा हो गया है। मशीनों की टेस्टिंग करने की तैयारी चल रही है। मरम्मत कार्य के लिए 40 लाख की धनराशि मिली थी। एक महीने के अंदर जल विद्युत परियोजना शुरू हो जाएगी।
सप्तेश्वर में लगे हैं 150-150 किलोवाट के प्लांट
चंपावत। सप्तेश्वर जल विद्युत परियोजना में 150-150 किलोवाट के दो प्लांट लगे हैं। परियोजना के शुरू होने के बाद उरेडा ऊर्जा निगम को बिजली बेचेगा। मरम्मत के अभाव में सप्तेश्वर परियोजना बीते पांच-छह सालों से शोपीस बनी हुई थी।