दो दिन पूर्व शारदा में फ्लैशिंग के लिए एनएचपीसी पावर चैनल और शारदा नहर में बंद की गई जलापूर्ति सुचारु कर दी गई थी। शनिवार की रात से दोनों पावरहाउस में जलापूर्ति सुचारु होते ही बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है।
तीन अक्तूबर को शारदा में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी प्रशासन, शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने फ्लैसिंग के लिए एनएचपीसी पावर चैनल और नहर में जलापूर्ति बंद कर दी थी।
शनिवार को शाम करीब छह बजे पानी में मलबा कम आने के बाद पावर चैनल और नहर में जलापूर्ति सुुचारु हो पाई है। शारदा बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी के पानी में मलबा पीपीएम (पार्ट पर मिनट) 11 हजार से अधिक था।
पीपीएम 10 हजार से कम होने के बाद ही पावर चैनल और नहर की जलापूर्ति सुचारु हो पाई। नहर से जहां लोहियाहेड पावरहाउस में विद्युत उत्पादन किया जाता है, वहीं यूपी के रायबरेली तक 2208000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई भी होती है।
अंग्रेजों ने वर्ष 1928 में सिंचाई के लिए शारदा बैराज, नहर का निर्माण कराया था। इन दिनों नदी का जलस्तर 13181 क्यूसेक है। शारदा नहर में 10525 क्यूसेक और नेपाल चैनल में 206 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।