टनकपुर (चंपावत)। कोरोना का कहर कम होने पर दो साल बाद पूर्णागिरि धाम का मेला शुरू हुआ लेकिन यातायात अव्यवस्था ने सभी तैयारियों की पोल खोल दी है। मेले में अब तक 17 दिन में छह दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। चार लोगों की मौत हो चुकी है और 15 लोग घायल हो चुके हैं। ये हादसे पंगु यातायात अव्यवस्था से लेकर पुलिस और परिवहन विभाग के दावों को भी आइना दिखा रहे हैं।
मेले में चल रहे वाहन बेखौफ होकर क्षमता से डेढ़ से दोगुना यात्रियों को ढो रहे हैं। मेले के लिए जीप और टैक्सी संचालन की भी कोई कारगर व्यवस्था नहीं है। ये जीपें टनकपुर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से यात्रियों को ढो रही हैं। मेले में चल रहे 400 से ज्यादा वाहनों में से 15 प्रतिशत से अधिक नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इन वाहनों में फिटनेस से लेकर डीएल और अन्य तरह की खामियां हैं। चालकों की नशाखोरी भी मुसाफिरों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। हालांकि अब एसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि इस हादसे से सबक लेते हुए खामियों को दूर कर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। संवाद
टक्कर मार जान लेने वाले वाहन का नौ दिन बाद भी नहीं लगा सुराग
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग पर शनिवार को जिस जगह पर जीप ने दो घरों के चिराग बुझाए, उससे बमुश्किल 300 मीटर के फासले पर पहली अप्रैल को भी एक वाहन ने कहर ढाया था। इस महीने के पहले दिन अज्ञात वाहन ने सेवानिवृत्त शिक्षिका पुष्पा तड़ागी को टक्कर मार दी थी। शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे से सबक लेना तो दूर, नौ दिन बाद भी इस हादसे को अंजाम देने वाले वाहन और चालक का कोई सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है।
ये हुए थे दावे
01 :- यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेलावधि के लिए टनकपुर में चंपावत से एक सीओ को विशेष रूप से भेजा गया।
02 :- श्रद्धालुओं सहित जगबुड़ा क्षेत्र से लेकर मेला क्षेत्र तक की सुरक्षित यातायात आवाजाही के लिए बनबसा, टनकपुर थानों के अलावा पूर्णागिरि क्षेत्र के बूम, ठुलीगाड़ और भैरव मंदिर पुलिस चौकी को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे।
03 :- परिवहन विभाग की निगरानी और वाहनों की चेकिंग में तेजी और नियमों की अनदेखी कर रहे वाहनों पर कार्रवाई।
04:- जीप-टैक्सियों का संचालन एक निर्धारित स्थल से करने के साथ नंबरों से वाहनों की आवाजाही करना।
04 :- ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक जीप-टैक्सियों के संचालन से पहले अनुमति प्राप्त सभी जीपों के कागजात और चालकों के लाइसेंस की जांच।
पूर्णागिरि मेले में अब तक हुई प्रमुख सड़क दुर्घटनाएं
* 24 मार्च:पूर्णागिरि दर्शन कर लौट रहे बरेली के श्रद्धालु दंपती कमलपथ के पास बोलेरो कार की टक्कर में चोटिल
* 1 अप्रैल: अज्ञात वाहन की चपेट में आने से टनकपुर जीजीआईसी की सेवानिवृत्त शिक्षिका पुष्पा तड़ागी की मौत हुई।
* 3 अप्रैल: श्रद्धालुओं को पूर्णागिरि धाम ले जा रही जीप के पेड़ से टकराने से 12 लोग चोटिल, चार गंभीर घायलों में से एक महिला को हायर सेंटर रेफर किया।
* 8 अप्रैल: टनकपुर के बिचई में तेज रफ्तार कैंटर ने ट्रक के हेल्पर को टक्कर मारी, मौत।
* 9 अप्रैल: पूर्णागिरि मार्ग पर जीप की टक्कर से दो युवकों की मौत।
माली हालत के कारण दोनों ने खोली थी दुकान
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम मेले में दुकान खोलने वाले कृष्ण कुमार और विक्रम सिंह की मौत से उनके गरीब परिवारों को भी जबर्दस्त झटका लगा है।
नयागोठ का विक्रम सिंह मजदूरी कर परिवार को सहारा देता था। मां जमुना देवी टनकपुर के एक प्राइमरी स्कूल में भोजनमाता है। बहन दीपा का विवाह हो चुका है, जबकि छोटा भाई रुद्रपुर में है। परिजन बताते हैं कि कमजोर माली हालत के मद्देनजर विक्रम ने अपने दोस्त कृष्ण और कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर मेले के लिए चाय और फास्ट फूड की दुकान खोली थी। सुबह पड़ोसी की स्कूटी को लेकर दुकान को जा रहे थे। नयागोठ के कृष्ण कुमार परिवार का अकेला कमाऊ था। पिता पूरन राम की काफी वक्त पहले मौत हो चुकी है। मजदूरी कर वह परिवार का पेट पालता था। कृष्ण कुमार की मौत से परिवार सदमे में है। 52 साल की मां मनी देवी, पत्नी गीता देवी का बुरा हाल है। एक साल की मासूम बेटी इस अनहोनी से अनजान है।
देवी दर्शन का सपना अधूरा रह गया
टनकपुर (चंपावत)। हादसे के कारण बरेली और लखनऊ जिले के श्रद्धालुओं की मां पूर्णागिरि धाम जाकर देवी दर्शन करने की हरसत पूरी नहीं हो सकी। टनकपुर से तीन किमी दूर पूर्णागिरि मार्ग पर हुए हादसे के बाद घायल श्रद्धालु इलाज के बाद घरों को लौट गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की भी पोल खुली
टनकपुर (चंपावत)। जीप दुर्घटना ने टनकपुर की स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से तार-तार कर दिया। मैदानी क्षेत्र के उप जिला अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर एक अदद एक्सरे परीक्षण तक की व्यवस्था नहीं है। शनिवार को सीएमएस सहित कई डॉक्टर अवकाश में थे, तो वहीं डॉक्टरों की कमी से अस्पताल पहुंचे घायलों की मरहम-पट्टी में भी देरी हुई। कुछ अधिक चोटिल श्रद्धालुओं को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि तकनीशियन नहीं मिलने से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं।
चार साल पहले कुचले गए थे 11 श्रद्धालु
टनकपुर (चंपावत)। करीब चार साल पहले भी पूर्णागिरि मेले के दौरान एक खौफनाक हादसा हुआ था। 18 मई 2018 को पैदल पूर्णागिरि आ रहे 11 श्रद्धालुओं को एक वाहन ने बिचई के पास कुचल कर हताहत कर दिया था।
हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। इससे सबक लेते हुए मेला क्षेत्र में वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। वाहनों की फिटनेस से लेकर चालकों की नशे की आदत की भी जांच होगी। -सुंदर कुमार, एआरटीओ, टनकपुर।
सोमवार को जगबुड़ा से पूर्णागिरि के भैरव मंदिर तक के क्षेत्र की सड़क का सीओ और एआरटीओ के साथ मुआयना कर खतरे वाली जगहों में सुधार के सुझाव दिए जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिचई के ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने के लिए डिवाइडर को आगे तक बढ़ाया जाएगा। कमलपथ के पास स्पीडब्रेकर हटाने की पहल होगी। - हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम