चंपावत। जिला अस्पताल में 12 साल से फार्मासिस्ट मनोज पुनेठा बिना रुके थके कर्तव्यनिष्ठा से कार्य कर रहे हैं। वह मरीजों को दवा वितरण करते हैं। अस्पताल की सेवाओं को महत्व देते हुए उन्होंने अपने घर के जरूरी कामकाजों को भी कई बार प्राथमिकता कम दी। 2012 से अब तक सिर्फ एक बार आपातकालीन अवकाश लिया।
जिला अस्पताल में 2012 में ग्राम पंचायत पुनेठी छतार निवासी मनोज पुनेठा की तैनाती हुई। उनकी तैनाती कोटा जमराड़ी सब सेंटर में हुई थी। अस्पताल प्रबंधन ने उनके कार्यों को देखते हुए अस्पताल के दवा वितरण केंद्र पर ड्यूटी सौंप दी।
जरूरतमंद मरीजों की मदद करने में वह हमेशा आगे रहते हैं। अपने सेवा काल में उन्होंने चार साल पहले एक बार अवकाश लिया था। उनको कुछ साल पहले डीएम और एसपी ने सड़क दुर्घटना के दौरान बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।
वह हर रोज 300 से अधिक मरीजों को दवा वितरित करने के साथ ही उनकी मदद भी करते हैं। कोविड के समय इमरजेंसी में भी उन्होंने अपनी परवाह किए बिना सेवाएं दीं। वह 2018 से जरूरतमंदों के लिए रक्तदान भी करते आ रहे हैं।
उनका कहना है कि लोगों की सेवा में उन्हें जो सुख मिलता है वह और कहीं नहीं है। इधर, प्रभारी फार्मासिस्ट विष्णु गिरि करते हैं कि वर्ष 2012 से अस्पताल में सेवा दे रहे फार्मासिस्ट मनोज पुनेठा सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर किया रक्तदान
पिथौरागढ़/लोहाघाट। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया। वक्ताओं ने समाज में फार्मासिस्ट के योगदान को अहम बताया। गोष्ठी के बाद जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में संगठन के सदस्यों ने दस यूनिट रक्तदान किया।
इसके बाद जिलाध्यक्ष भरत कुमार, जिला उपाध्यक्ष गिरीश उपाध्याय, दीपक पांडे, शंकर मेहरा, मनोज पंत, महिला जिलाध्यक्ष निशा चंद, संजय बोरा, हरीश मेहरा आदि ने पौधे रोपे।
इधर उप जिला अस्पताल लोहाघाट में फार्मासिस्टों ने रोगियों को बेहतर उपचार देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान चिकित्सा व्यवस्था फार्मासिस्ट के बगैर संभव नहीं है। वहां वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी मुकुल राय, सुरेश जोशी, शेखर सिंह, कुलदीप राय, प्रेम टम्टा, मृत्युंजय वर्मा, योगेश कन्नौजिया सुरेश पाटनी, सुनीता पाटनी, किरन राय मौजूद रहे।