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सड़क, बिजली का मसला हल नहीं हुआ तो पैदल कलक्ट्रेट कूच करेंगे नामिक के लोग

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पिथौरागढ़। हिमालय की तलहटी पर बसे नामिक गांव के लिए बनी उरेडा की बिजली परियोजना के ज्यादातर समय बंद रहने, नामिक के लिए होकरा से बन रही सड़क निर्माण धीमी गति के विरोध में नामिक के लोग लामबंद हो गए हैं। नामिक के लोगों ने गांव को प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना से बिजली देने और सड़क निर्माण का काम तेज गति से न होने पर नामिक से जिला मुख्यालय तक 120 किमी पैदल मार्च करने का एलान किया है।
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नामिक से जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों ने जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि नामिक में उरेडा की बिजली परियोजना से बिजली की आपूर्ति की जाती है। 5 किलोवाट की हीरामणि लघु जल विद्युत परियोजना अधिकांश समय बंद रहती है। बर्फबारी के कारण तीन पोल टूटने से नामिक में विद्युत आपूर्ति बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना से बिजली दी जाए।
नामिक को जोड़ने के लिए एक जनवरी 2017 से 17 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। तीन वर्ष बाद भी केवल 6 किमी सड़क कटी है। इन लोगों ने सड़क निर्माण में तेजी लाने की मंग की है। कहा है कि सौभाग्य योजना से विद्युतीकरण नहीं होता है और सड़क निर्माण में तेजी नहीं आती है तो गांव के लोग एक अप्रैल 2020 को नामिक से पैदल जिला मुख्यालय के लिए कूच कर दंगे। इन लोगों ने अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल से भी मुलाकात की। नामिक की प्रधान तुलसी जैम्याल का मांगों से संबंधित पत्र दोनों अधिकारियों को सौंपा। शिष्टमंडल में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण जैम्याल, हीरामणि बिजली परियोजना समिति के सचिव प्रताप सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश सिंह शामिल थे। अधिकारियों ने सड़क और बिजली का मुद्दा हल कराने का आश्वासन दिया है।
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