पिथौरागढ़। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जारा जिबली को छह माह पूर्व आपदा से मिले जख्म अभी तक नहीं भरे जा सके हैं। विद्यालय की चहारदीवारी तोड़कर गुनीगाड़ नाले का पानी विद्यालय में घुस गया था। जल्द सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य नहीं किया गया तो मानसून काल में विद्यालय भवन को नुकसान होने की आशंका है।
बीते मानसून काल में गुनीगाड़ नाले में आई प्राकृतिक आपदा से काफी दिक्कतें हुईं। नाले में बहने वाले पानी ने रास्ता बदलकर इस हद तक कटाव कर दिया कि विद्यालय भवन के अंदर मलबा पहुंच गया। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे विद्यालय भवन को नुकसान होने से बचा लिया था। तब इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को देकर सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की थी लेकिन इसकी अभी तक कोई सुध नहीं ली गई है। मानसून काल आने में अब कुछ ही समय शेष है। अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। अभिभावकों ने जल्द सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है।
चार महीने बाद मानसून काल शुरू हो जाएगा। अभी तक सुरक्षा के नाम पर एक पत्थर भी नहीं लगाया है। नाले का पानी कभी भी विद्यालय में घुस जाएगा। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होगा।
- देवेंद्र सिंह, अभिभावक
अब तो ग्रामीणों को सरकार पर भरोसा नहीं है। पहले से भी आपदा से ध्वस्त कई रास्ते अभी तक नहीं बन पाए हैं। स्कूल की सुरक्षा के कोई इंतजाम किए जाएंगे, इस बारे में संशय है।
-दिवान सिंह, ग्रामीण
सरकार के वादे और दावे विश्वास करने योग्य नहीं हैं। आपदा के समय नेता और अधिकारियों का जो रूप सामने आता है वह बाद में कहीं नहीं दिखता है। दोनों जनता का विश्वास खो चुके हैं।
-टिकेंद्र बिष्ट, प्रभावित