लोहाघाट (चंपावत)। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पाटनपुल से सिमलखेत तक अतिक्रमण हटाने पर लोगों ने लोक निर्माण विभाग पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तोड़े गए अतिक्रमण के मामले पर न्याय और मुआवजे की मांग उठाई।
बुधवार को आनंद सिंह ओली के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम रिंकू बिष्ट को ज्ञापन सौंपकर कहा कि लोनिवि की ओर से हाइकोर्ट के निर्देश पर 186 जगहों पर अतिक्रमण को हटाना था। आरोप है कि विभाग ने 15 से 20 मकानों पर ही कार्रवाई कर अतिक्रमण को ध्वस्त किया और शेष अतिक्रमण को नजरअंदाज कर दिया। लोगों ने कहा कि पूर्व सैनिक, अल्पवेतन भोगी, कर्मचारियों ने मेहनत से नाप भूमि पर अपने भवन बनाए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर विभाग सही तरीके से कार्रवाई करता तो अतिक्रमण ध्वस्त करने के बाद मानकों के अनुसार मुआवजे की भी प्रक्रिया होती है। लोगों ने कहा कि अगर विभाग ने एक समान व्यवहार और मुआवजे की प्रक्रिया को न अपनाया तो वे हाईकोर्ट और सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएंगे।
इसके बाद उन्होंने लोनिवि के एई राजेंद्र गिरि को भी ज्ञापन सौंपा। वहां मोहन चंद्र जोशी, राकेश बोहरा, भूपाल पाटनी, खष्टी बल्लभ पाटनी, कै. शेर गिरी, आरडी चौथिया, सोबन सिंह पाटनी, राजकुमार जोशी, हरीश चंद्र जोशी, प्रभात पचौली, धन सिंह पाटनी, चंद्रशेखर मुरारी, अंबा दत्त पचौली, हरीश सिंह पाटनी, महेश तड़ागी, दिनेश सिंह बोहरा आदि मौजूद रहे।