टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच बनाई जा रही बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान विभिन्न स्थानों पर जाम लगने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। चौड़ीकरण कार्य के दौरान कई घंटे तक लग रहे जाम का आलम यह है कि अमोड़ी से जिला मुख्यालय चंपावत तक 25 किलोमीटर का सफर तय करने में वाहनों को तीन घंटे का समय लग जा रहा है।
हालांकि जाम लगने से लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से निर्माण कार्य में लगी कंपनियों को ज्यादा देर तक मार्ग बाधित न रखने के लिए निर्देशित किया गया है। लेकिन अधिकतर स्थानों में इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक की 150 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को आठ से दस घंटे तक का समय लग रहा है। वाहन चालकों और यात्रियों का कहना है कि बारहमासी सड़क में घाट से पिथौरागढ़ तक किए जा रहे चौड़ीकरण कार्य के लिए दिन में 11 से दो बजे तक का समय निर्धारित है। यदि इसी तरह से चंपावत और टनकपुर के बीच भी रोड कटिंग का समय निर्धारित कर दिया जाए तो यात्रियों को आसानी हो सकेगी।
खाई में मलबा फेंकने का सिलसिला जारी
बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी का सिलसिला जारी है। विभिन्न जगहों पर सड़क कटिंग के दौरान निकलने वाले मलबे को सीधे खाई में फेंका जा रहा है। क्षेत्रवासी रमेश चंद्र जोशी, मोहन सिंह, अनिल कुमार, गिरधर सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के बाद निर्माण कार्य में लगी कंपनियों की ओर से दिखावे के तौर पर मलबा हटाने के लिए टिप्पर और ट्रक साइड में खड़े किए हैं। लेकिन उनका उपयोग करने के बजाए मलबे को खाई में धकेला जा रहा है।
यात्रियों के साथ मजदूरी करने वाले ग्रामीण भी परेशान
बारहमासी सड़क में लग रहे लंबे जाम के कारण जहां मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अमोड़ी, धौन, बजौन, बगेड़ी, नायला, छतकोट, कोट अमोड़ी, क्वारसिंग, खटोली, बडोली, स्वांला, चल्थी, बेलखेत, दियूरी आदि गांवों के मजदूरी करने वाले ग्रामीणों को भी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीण खिलानंद भट्ट, जयदेव भट्ट, लीलाधर आदि का कहना है कि मार्ग में लग रहे जाम के कारण प्रतिदिन दिहाड़ी मजदूरी पर जाने वाले ग्रामीणों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
कोट
बारहमासी सड़क निर्माण के कार्य में लगी कार्यदायी संस्थाओं को एक समय में किसी भी सूरत में आधे घंटे से अधिक समय तक मार्ग बाधित नहीं रखने को निर्देशित किया गया है। लेकिन लंबे समय तक मार्ग बाधित रखने की शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। -एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड,लोहाघाट।