चंपावत। जिले के चारों विकासखंडों में पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पशु मित्र कार्यक्रम चलाया जाएगा। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की ओर से चयनित पशु मित्र को दो माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संस्थान के निदेशक आरपी टम्टा ने बताया कि 18 से 45 वर्ष के इच्छुक हाईस्कूल पास बेरोजगार महिला और पुरुष अभ्यर्थी, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों को पशुओं की चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के रोग, कारण, उनके रोकथाम की जानकारी, टीकाकरण, ब्रीडिंग, आहार आदि का सैद्धांतिक, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवेदन पत्र लिए जाएंगे। इसमें अंतिम रूप से अभ्यर्थियों के चयन के लिए चार जुलाई को दस्तावेजों की जांच कर साक्षात्कार प्रक्रिया होगी। प्रतिभागियों को पशु चिकित्सकों की टीम की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थी पशु मित्र के रूप में पशु चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कमीशन के आधार पर जिले में आवश्यक सेवा प्रदान कर सकते हैं और पशु मित्र के रूप में कार्य कर अच्छी आजीविका अर्जित कर सकते हैं।