चंपावत का नव निर्मित आईटीआई भवन।
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चंपावत। वर्ष 1984 में खुले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को आखिरकार अपना भवन मिल गया। करीब साढ़े तीन दशक तक किराये में चले इस संस्थान में जगह की कमी की वजह से न केवल प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा था, बल्कि सभी ट्रेडों को चलाना भी मुश्किल हो रहा था। अब जगह मिलने से नए ट्रेड खोलने की संभावना भी बढ़ गई है।
आईटीआई 35 साल तक चंपावत-मंच-तामली मार्ग पर किराये के भवन में संचालित रहा। चंपावत के ताराचौड़ में 1.72 करोड़ रुपये की लागत से बनी दोमंजिली इमारत में हस्तांतरित हो गई। कुछ दिन पूर्व इस आईटीआई को शिफ्ट भी कर दिया गया है। इस वक्त यहां फैशन डिजाइन, स्टेनो, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक, मोटर मैकेनिक, फिटर के ट्रेड में 203 छात्र-छात्राएं हैं। फिलहाल इस आईटीआई में कार्यादेशक समेत चार अनुदेशक, छह बाबू, चतुर्थ कर्मी कार्यरत हैं।
अपने भवन में हस्तांतरित होने से आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, नए ट्रेड खुलने की संभावना बढ़ गई है। इससे नए रोजगारपरक ट्रेड और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रेफ्रिजरेशन, वेल्डिंग के ट्रेड का प्रस्ताव भेजा गया है।
- आरएस चौधरी, प्रभारी, आईटीआई, चंपावत।