चंपावत। 11 से 23 जुलाई तक डायरिया पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके तहत पांच वर्ष तक के सभी 25000 बच्चों को ओआरएस घोल सहित जिंक टेबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। जिसकी तैयारी बैठक में डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने स्वास्थ्य विभाग को जरूरी निर्देश दिए।
जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को हुई बैठक में डीएम ने कहा कि डायरिया पखवाड़े के माइक्रोप्लान से उन्हें भी अवगत कराएं ताकि उसमें रह गई कमियों को दूर किया जा सके। डीएम ने सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग करने, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्यों का एक वाट्सएप ग्रुप बनाने, जिले में कार्यरत 309 आशा वर्कर से डायरिया पखवाड़े में सहयोग देने हेतु मैसेज भेजने के निर्देश सीएमओ को दिए।
कहा कि डायरिया होने का मुख्य कारण दूषित पानी पीना है। इसलिए जहां पर लोग नालों, गधेरों, हैंडपंपों से पानी पी रहे हैं, वहां पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को छोटे बच्चों का पीने के पानी की जांच कराने, जल संस्थान को क्लोरीन, टैंकों हेतु ब्लीचिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि सभी आशाओं को ओआरएस घोल बनाना सिखाया गया है। पखवाड़े के लिए छह टीमों का भी गठन कर लिया गया है। इस दौरान डॉ. आरके जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी एनसी पाठक, परियोजना प्रबंधक स्वजल एमके गर्ग, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विशाल कुमार, डॉ. मजीत सिंह आदि थे।
चंपावत। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से कहा कि सभी स्कूलों की प्रार्थना सभा में बच्चों को सफाई के प्रति प्रेरित करें। इसके साथ दूषित पानी न पीने की सलाह देने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को देखते हुए मानसून सीजन में मलेरिया पर भी पैनी नजर रखने और उसकी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश चिकित्सा विभाग को दिए।