बनबसा (चंपावत)। ऐतिहासिक शारदा बैराज पर मेंटिनेंस कार्य के चलते पिछले 24 घंटे के लिए आवागमन पर रोक लगाई गई थी। इस दौरान भारत-नेपाल के बीच आवाजाही करने वालों ने पैदल ही बैराज की दूरी नापी। इस बीच विभाग ने बैराज मार्ग के गड्ढों का भरान और गेट आदि का मेंटिनेंस कार्य किया गया। इस दौरान बैराज के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
करीब 88 वर्ष पुराने शारदा बैराज पर जरूरी रखरखाव कार्य के चलते रविवार की शाम सात बजे से सोमवार की शाम सात बजे तक बैराज को आवागमन के लिए बंद किया गया। यूपी सिंचाई विभाग शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि बैराज पर कुछ जरूरी मेंटिनेंस कार्य कराए जाने थे।
उन्होंने बताया कि मेंटिनेंस कार्य रविवार रात तीन बजे पूरा हो गया था लेकिन सीमेंट सेट होने के लिए एहतियात के तौर पर सोमवार को बैराज पर आवागमन बंद किया गया। जिस पर मंगलवार की सुबह छह बजे से आवाजाही शुरू हो जाएगी। वर्ष 1928 में इस बैराज को अंग्रेज प्रशासकों ने सिंचाई नहर के लिए बनवाया था। बैराज से निकली सिंचाई नहर यूपी में 2208000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई करती है। एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने और रात में भी बैराज से आवाजाही रोकी जाती है।
बनबसा (चंपावत)। रविवार रात तीन बजे शारदा नहर में पानी छोड़ दिया गया। जिसके बाद लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। नदी में अत्यधिक मलबा (गाद) आने के कारण पिछले दो दिनों से नहर की जलापूर्ति बंद की गई थी।