केंद्र सरकार ने पिछले साल 23 सितंबर को पांच लाख रुपये सालाना निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने वाली आयुष्मान योजना शुरू की, लेकिन अब इस योजना में रुपये ऐंठने के आरोप लग रहे हैं। इस संबंध में एक युवक ने इलाज पूरा होने के कुछ दिन बाद बुधवार को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजने के साथ ही सीएम के पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई है।
दुधपोखरा गांव के नीरज सिंह का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड के बावजूद उनके पिता देव सिंह के पथरी के ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल ने 12 हजार रुपये लिए। 19 जुलाई को देव सिंह को पथरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था।
पत्र के मुताबिक उन्हें 9 दिन अस्पताल में रखा गया। नीरज ने आरोप लगाया कि पिता के अस्पताल में होने के चलते वे शिकायत करने में झिझक रहे थे। अब आयुष्मान कार्ड से 22 हजार रुपये काटे जाने के मोबाइल संदेश आने के बाद मामले को सामने लाने के लिए शिकायत करने को मजबूर हुए हैं।
निवर्तमान प्रधान से पांच हजार रुपये जमा करा लिए पर नहीं मिला इलाज
चंपावत। कांडा गांव की निवर्तमान ग्राम प्रधान सरस्वती देवी ने आयुष्मान कार्ड के बावजूद पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनसे रकम तो ली गई लेकिन इलाज नहीं दिया गया। अब वे निजी अस्पताल में उपचार करा रही हैं।
सरस्वती का कहना है कि कुछ दिन पूर्व मैदानी क्षेत्र के अस्पताल में गर्भाशय से संबंधित इलाज हुआ था। 24 जुलाई को परेशानी बढ़ने पर वह जिला अस्पताल गईं। जहां अस्पताल स्टाफ के एक व्यक्ति ने जरूरी दवाइयों के लिए एक मेडिकल स्टोर में पांच हजार रुपये जमा करने और इलाज को 15 दिन बाद आने को कहा। निवर्तमान प्रधान का दावा है कि वे 15 दिन बाद अस्पताल आईं, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। बुधवार को वह फिर पहुंचीं तो पता चला कि वह डॉक्टर फिलहाल अस्पताल से छुट्टी पर हैं।
भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हरीश पांडेय ने बताया कि महिला की शिकायत पर जब वे बुधवार को अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि जिस डॉक्टर ने मरीज को बुलाया वे खुद ही अस्पताल में नहीं है। बाद में सरस्वती देवी ने इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने कहा कि 16 अगस्त को शिकायतकर्ता को बुलाया गया है।
आयुष्मान कार्ड धारक ही नहीं जिला अस्पताल में किसी भी मरीज से रकम वसूलने का सवाल ही नहीं है। महिला और एक अन्य मामले में धन वसूले जाने के आरोप की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद अगर उनके पास ऐसी कोई शिकायत आएगी तो वे मामले की जांच कराएंगे।
डॉ. आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, चंपावत।
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पांच हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाने वाली निवर्तमान ग्राम प्र?- फोटो : CHAMPAWAT
इलाज के लिए नौ दिन तक जिला अस्पताल में रहने वाले देव सिंह।- फोटो : CHAMPAWAT