पाटी (चंपावत)। उनकी उम्र भले ही सौ के पार हो चुकी है, लेकिन वे बूढ़े नहीं हैं। इसी कारण उनका जज्बा और जोश नौजवानों को भी ऊर्जा देता है। पाटी के जौलाड़ी बूथ में वोट देने आए 106 साल के मोहन सिंह मेहता के चेहरे पर भले ही झुर्रियां पड़ चुकी हैं, लेकिन उनमें इस उम्र में भी लोकतंत्र के प्रति गहरा लगाव है। इसी भाव के साथ जौलाड़ी गांव के मेहता ने सोमवार को राज्य के पांचवें विधानसभा चुनाव में 100 मीटर पैदल चल कर वोट दिया। उनके परिजनों ने उन्हें मतदान केंद्र तक ले जाने में सहारा दिया।
मोहन सिंह कहते हैं कि उन्हें अंग्रेजों के राज की याद है, हमें खून पसीने से मिली आजादी को बचाने के लिए देश के लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। इसके लिए सभी को जिम्मेदारी निभानी होगी। इसमें राजनीतिक दलों और नेताओं की जवाबदेही सबसे ज्यादा है। भ्रष्टाचार से निजात दिलाकर लोगों को पढ़ाई और काम दिलाना सरकारों की जिम्मेदारी है। मतदान के लिए ऐसा ही उत्साह 75 पार कर चुके चंपावत के बुजुर्ग मतदाता दीवान सिंह माहरा का भी था। संवाद
वोट के लिए रुद्रपुर से चंपावत पहुंचे बुजुर्ग दंपती
चंपावत। वोट का महत्व और ताकत क्या होती है? इसे एक दंपती ने रुद्रपुर से 245 किमी दूर चंपावत पहुंच बताया। निजी क्षेत्र से सेवानिवृत्त कर्मी दिनेश पांडे और उनकी पत्नी भावना पांडे रुद्रपुर में रहते हैं लेकिन मतदान के लिए सोमवार को किराये पर तीन हजार रुपये खर्च कर अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को निभाया। खर्ककार्की बूथ में वोट देने के बाद पांडे दंपती ने कहा कि मतदान लोकतंत्र को सुधारने-संवारने का इकलौता हथियार है। सोच विचार कर किया मतदान समाज और आम लोगों के लिए हितकारी होता है। चंपावत में रहने वाले उनके भाई हरीश पांडे, ललित मोहन पांडे, चंद्रशेखर पांडे, श्रेया पांडे, स्नेहा पांडे ने भी उनके साथ वोट दिया।
छाया बेंगलुरु से आईं मतदान के लिए
पिथौरागढ़। रई निवासी छाया गिरी ने बेंगलुरु से आकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान किया। उन्होंने बताया कि वे बेंगलुरुमें आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। वह सिर्फ मतदान के लिए यहां आईं हैं। उन्होंने कहा कि मतदान के समय उन्हें बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का मुद्दा याद आया।
छाया गिरी, आईटी प्रोफेशनल, पिथौरागढ़।
पंतनगर से आए मतदान के लिए
पिथौरागढ़। बड़ाबे क्षेत्र के भूपेश जोशी पंतनगर विश्वविद्यालय से मतदान के लिए पिथौरागढ़ आए। वे वहां पर सहायक लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर आस्था रखते हुए मतदान करना कर्तव्य है। सिर्फ मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदान करने के लिए आया हूं। पिछले चुनाव में वे दिल्ली से मतदान के लिए पिथौरागढ़ आए थे। तब वे विप्रो कंपनी में कार्यरत थे।