जिले की संवेदनशीलता के मद्देनजर पुलिस अब सुरक्षा के तौर-तरीकों को और चाक-चौबंद करेगी। इसके लिए सीसीटीवी का सहारा लिया जाएगा। जिला मुख्यालय सहित कुल छह जगह सीसीटीवी लगेंगे।
पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि असामाजिक तत्वों और चोर-उचक्कों पर लगाम कसने को पुलिस बल के अलावा तकनीक का सहारा भी लिया जाएगा। जिले में छह स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाने का प्रस्ताव है। आधुनिक और अधिक क्षमता के इन कैमरों से असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
जिले के प्रवेशद्वार बनबसा के थाने से इन कैमरों की शुरुआत होगी। नेपाल के अलावा ऊधमसिंह नगर जिले की सीमा से लगे बनबसा का थाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। इसके अलावा टनकपुर, चल्थी, चंपावत, लोहाघाट और पाटी थानों के अंतर्गत इन सीसीटीवी को लगाया जाएगा। इन्हें कंट्रोल करने के लिए पुलिस थानों और चौकियों को कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। पुलिस का मानना है कि ये कैमरे अराजक तत्वों और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में सहायक होंगे। इन सीसीटीवी के लिए आर्थिक सहायता विधायक और सांसद निधि से करवाई जाएगी। एसपी दिलीप सिंह कुंवर का कहना है कि सीसीटीवी लगाने से अपराध नियंत्रण में मदद मिल सकेगी। साथ ही असामाजिक तत्वों में मनोवैज्ञानिक डर भी रहेगा।
कलक्ट्रेट परिसर में लग चुकी है तीसरी आंख
तीसरी आंख से लैस होने वाला पहला महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर कलक्ट्रेट परिसर है। जिला कार्यालय के इस परिसर में अगस्त 2015 में सीसीटीवी लग चुके हैं। परिसर में चार सीसीटीवी लगे हैं। 30 दिन की रिकार्डिंग की क्षमता वाले ये कैमरे डीएम कक्ष, परिसर के प्रवेश स्थल और गैलरी में लगे हैं।