महंगाई, कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ माओवादी विप्लव गुट ने नेपाल सरकार के खिलाफ एक दिनी बंद का आयोजन किया। बंद का कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर में व्यापक असर तो रहा ही, भारतीय क्षेत्र बनबसा के बाजारों में भी सन्नाटा रहा। वाहनों का संचालन बंद रहा, केवल तांगों और बाइकों पर भारत-नेपाल के बीच आवागमन हुआ। सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि नेपाल बंद के ब्रह्मदेव बाजार में बंद बेसर रहा। यहां रोजाना की तरह दुकानें खुली रहीं और बाजार में रौनक बनी रही।
ग्रेटर नेपाल राष्ट्रीय मोर्चा के अध्यक्ष फणींद्र नेपाल (नेत्र विक्रम विप्लव गुट) के आह्वान पर नेपाल में एक दिनी बंद सफल रहा। कंचनपुर जिला मुख्यालय और बनबसा सीमा पर स्थित महेंद्रनगर बाजार पूरी तरह बंद रहा। वाहनों का संचालन बंद रहने से दूर दराज नेपाली क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही नहीं हो पाई इसका असर बनबसा के कारोबार पर भी पड़ा। भारतीय प्रशासन से सुरक्षा के तहत भारतीय वाहन चालकों को नेपाल न जाने के लिए आगाह किया। सीमा पर एसएसबी, पुलिस और खुफिया तंत्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। सीओ राजन सिंह रौतेला ने बताया कि सुरक्षा के तहत पुलिस को सीमा पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। एसएसबी 57 वीं वाहिनी के कमांडेंट केसी राना ने बताया कि एसएसबी को भी सीमा पर सतर्क रहने को कहा गया है। नेपाल बंद से बनबसा बाजार के साथ रोडवेज की आय भी प्रभावित हुई। नेपाल बंद से मजदूर वर्ग को भी झटका लगा। सीमा पर सुनसानी छाई रही।
इधर, टनकपुर सीमा से लगे नेपाल के ब्रह्मदेव बाजार में दुकानें तो खुली रहीं, लेकिन नेपाल बंद की सूचना से भारतीय ग्राहकों की संख्या कम रही। व्यापारी दशरथ भारती, जनार्दन जोशी, दीपक जोशी आदि ने बताया कि नेपाल बंद की घोषणा से ग्राहक कम आए, लेकिन बाजार में सामान्य दिनों की तरह रौनक बनी रही।