चंपावत। चंपावत के क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) के निर्माण की अड़चन दूर हो गई है। कायदायी एजेंसी ब्रिडकुल (ब्रिज, रोप-वे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) और कुमाऊं मंडल विकास निगम के बीच सहमति बनने के बाद इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अब ब्रिडकुल निर्माण कार्य होने तक निगम की सड़क का उपयोग कर सकेगा।
जिला अस्पताल के पास निष्प्रयोज्य रोजिन फैक्टरी परिसर में 1560 वर्ग मीटर जमीन पर 22 करोड़ रुपये से सीसीबी का निर्माण होगा। सीसीबी वाले स्थान और जिला अस्पताल के बीच की दूरी को पाटने के लिए 105 मीटर की सड़क बनाई जाएगी। इस सड़क से एंबुलेंस सीधे सीसीबी तक पहुंच सकेगी।
मंगलवार को ब्रिडकुल के सहायक अभियंता अंजुल कुमार और केएमवीएन के जीएम के प्रतिनिधि नैनीताल गैस एजेंसी के प्रबंधक हेमंत कुमार आर्या ने जिला अस्पताल के पास निगम की जमीन पर बनने वाले इस सीसीबी का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है।
एई अंजुल कुमार ने बताया कि निर्माण के दौरान मलबे को फेंके जाने के स्थान को लेकर प्रशासन से वार्ता कर निर्णय लिया जा रहा है। जनवरी से सीसीबी का काम शुरू हो जाएगा। इस कार्य का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ से 12 अक्तूबर को वर्चुअल शिलान्यास किया था।
सीसीबी बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा सुधार
चंपावत। सीसीबी का काम पूरा होने पर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा। भारत सरकार ने स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज देकर मृत्यु दर कम करने के मकसद से उत्तराखंड के कई अन्य जिलों के साथ चंपावत में पिछले साल सीसीबी को मंजूरी दी थी। इसके अंतर्गत 50 शैय्याओं वाला सीसीबी-क्रिटिकिल विंग बनाया जाएगा। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि सीसीबी में कई गंभीर रोगों का इलाज होगा। सीएडी (कोरोनरी धमनी रोग), फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रोक, अतिसार और नवजात मरीजों का इलाज यहां हो सकेगा। संवाद