उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला मंगलवार यानि 14 मार्च से विधिवत शुरू हो गया है। उद्घाटन नवनिर्वाचित विधायक कैलाश गहतोड़ी ने किया। मेले में पहले दिन करीब पचास हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। होली की मध्य रात्रि से ही उत्तर भारत समेत देश के विभिन्न स्थानों से मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का क्रम शुरू हो गया था।
ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर धाम के प्रमुख पुजारी एवं मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के पुरोहित्य में विधिवत पूजा-अर्चना कर मेले का शुभारंभ किया गया। कैंप कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विधायक गहतोड़ी ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम को मां वैष्णो देवी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि वे मां के इस पवित्र धाम की बेटे की तरह रखवाली कर इसे वैष्णो देवी की तरह विकसित करने का काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से मेले की व्यवस्थाओं के प्रति सजग रहते हुए यात्रियों की हर तरह से मदद करने की अपील की। साथ ही कहा कि व्यवस्थाओं के प्रति लापरवाही और यात्रियों के साथ बदसलूकी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी ने मेला अधिकारी को पथ प्रकाश समेत अधूरी व्यवस्थाओं को दो दिन के अंदर सुचारु करने की हिदायत दी। इस दौरान एसपी रामचंद्र राजगुरु, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल, मेला अधिकारी राजेश कुमार, सीओ राजन सिंह रौतेला, कोतवाल वीसी शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, भवानी टम्टा, ऊषा गुरूंग, विमला सजवान, दीप चंद्र पाठक आदि मौजूद थे।
पुलिस कर्मियों के लिए रहने खाने का उचित प्रबंध किया जाए
पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु ने कहा कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस हमेशा तत्पर रही है, लेकिन पुलिस कर्मियों के रहने खाने के इंतजाम पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मेले की आयोजक संस्था जिला पंचायत से मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए रहने खाने का उचित प्रबंध करने की अपील की। एसपी ने टैक्सी चालकों से यातायात नियमों का कतई उल्लंघन न करने की हिदायत दी है।
श्रद्धालुओं का बूम में बायोमैट्रिक पंजीकरण शुरू
पूर्णागिरि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गणना के लिए पर्यटन विभाग ने बूम कैंप में बायोमैट्रिक पंजीकरण शुरू कर दिया है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि यात्रियों का पंजीकरण कराने के लिए पुलिस विभाग द्वारा फोर्स उपलब्ध कराया गया है। बायोमैट्रिक पंजीकरण से मेला अवधि में मां पूर्णागिरि के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का सही आंकड़ा पता चल सकेगा।