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नेपाल प्रशासन पर खौले बनबसा के व्यापारी

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No Entry in Indo-Nepal Border
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बनबसा (चंपावत)। नेपाली कैरियरों एवं आम जनता के भारत आने पर नेपाल प्रशासन की रोक से यहां के व्यापारियों में खासा रोष है। नेपाल प्रशासन की रोक से बनबसा का व्यापार खासा प्रभावित हुआ है। यहां के व्यापारी नेपाल के कंचनपुर जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को वहां के बड़े व्यापारियों एवं ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत बता रहे हैं। पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने नेपाल प्रशासन से वार्ता कर समस्या सुलझाने की मांग की है।
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कुछ दिनों से नेपाल के कंचनपुर जिला प्रशासन ने नेपाल से भारत आने वाले खरीदारों पर अंकुश लगा दिया है। प्रशासन केवल बीमारों, विवाह या आवश्यक कार्यों से भारत आने-जाने की अनुमति दे रहा है, लेकिन उनसे भारत से दैनिक उपभोग की कोई सामग्री न लाने के लिए कहा जा रहा है। इसे बनबसा के व्यापारी मित्रराष्ट्र के संबंधों के विरुद्ध बता रहे हैं। नेपाल प्रशासन की मानें तो वहां बढ़ते कोरोना के मामलों के कारण सीमा पर अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाई गई है। भारतीय व्यापारियों का कहना है कि दवा लेने आने वाले को भारतीय सामान ले जाने से क्यों रोका जा रहा है जबकि भारत से कैसीनो वालों और ट्रांसपोर्टरों को जाने दिया जा रहा है।
इस भेदभाव से गुस्साए यहां के व्यापारी दोनों देशों की सीमाएं पूरी तरह से बंद करने की मांग कर रहे हैं। नेपाल के गड्ढा चौकी थाना प्रभारी जीवन गुरुंग ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर अनावश्यक आवागमन पर लगी रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। इधर टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक में नेपाल के अधिकारियों ने कैरियरों एवं आम जनता के माध्यम से भारत का सामान नेपाल ले जाने से वहां की सरकार को राजस्व की क्षति बताई है।
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