स्टाफ की घोर कमी से जूझ रहा सिमलखेत का आयुर्वेदिक अस्पताल।
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लोहाघाट (चंपावत)। अल्मोड़ा और चंपावत जिले की सीमा पर पाटी ब्लाक के सिमलखेत के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में करीब 10 साल से डॉक्टर नहीं है। इस वजह से लोगों को इलाज को तरसना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेज जल्द से जल्द डॉक्टर की तैनाती नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
लोगों का कहना है कि इस दूरस्थ क्षेत्र में ग्रामीणों को इलाज के लिए लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। यहां डॉक्टर के अलावा वार्ड ब्वाय और स्वच्छक के पद भी लंबे समय से खाली हैं। एकमात्र फार्मेसिस्ट के जरिये लोगों का इलाज हो रहा है। इलाज के लिए लोगों को 30 किमी दूर पाटी, बाराकोट या 43 किमी दूर लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ती है। जिसमें धन और समय की बर्बादी होती है। ग्राम प्रधान चित्रा अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र अधिकारी सहित ग्रामीणों का कहना है कि 15 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र की उपेक्षा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी गई कि रिक्त पदों को नहीं भरे जाने पर आंदोलन किया जाएगा। संवाद