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तीसरे दिन भी आरोपियों का पता नहीं

Sun, 19 Nov 2017 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
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गैस गोदाम के पास गोवंशज का कटा सिर मिलने के तीन दिन बाद भी आरोपियों का कोई पता नहीं चल सका है। थाने में दिनभर संदिग्ध लोगों से पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में गाय पाल रहे 18 से अधिक संदिग्धों के घर-घर जाकर छानबीन की। पुलिस ने सर्विलांस टीम भी गठित की है। पुलिस अधीक्षक राम चंद्र राजगुरु रविवार को भी दिनभर लोहाघाट में डेरा डाले रहे।
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आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बृजवाल का कहना है कि श्वान दल भी विभिन्न क्षेत्रों में खोजबीन कर रहा है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो प्लाटून पीएसी के अलावा लोहाघाट, पाटी, किमतोली, चंपावत थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रविवार को भी पुलिस दल ने नगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया।

इस मामले में पुलिस द्वारा कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। रविवार को सीओ प्रयोग सिंह कफलिया, पिथौरागढ़ के सीओ शेखर चंद्र सुयाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने नगर के विभिन्न मार्गों में फ्लैग मार्च किया।
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खुलासे को एसपी को ज्ञापन दिया
मां कामधेनु वात्सल्य सेवा धाम ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर गोवंशज की हत्या के आरोपियों को शीघ्र पकड़ने की मांग की। उत्तराखंड गो सेवा आयोग के सदस्य और मां कामधेनु वात्सल्य सेवाधाम ट्रस्ट के संचालक शंकरदत्त पांडेय के नेतृत्व में रविवार को लोग लोहाघाट थाने में एसपी से मिले। कहा कि ऐसे लोगों का शीघ्र पता लगाकर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

ज्ञापन देने वालों में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राजू गड़कोटी, छात्रसंघ के पूर्व महासचिव इंदर ढेक, छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश बोरा आदि शामिल थे। इधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सोमवार सुबह तक खुलासा नहीं होने पर स्कूल-कॉलेज बंद कराने की चेतावनी दी है।

मांस की दुकानों पर लटका रहा ताला
गोवंशज का कटा सिर मिलने के बाद नगर में तनाव बना है। तीसरे दिन भी यहां मांस की दुकानें नहीं खुल सकी है। इस संबंध में चंपावत कोतवाली में व्यापारियों के साथ हुई बैठक भी बेनतीजा रही। मांस विक्रेताओं का कहना है कि सुरक्षा मिलने के बाद ही वे दुकान खोल सकेंगे। पुलिस क्षेत्राधिकारी पीएस कफलिया का कहना है कि सभी व्यापारियों को पूरी तरह सुरक्षा दी जाएगी। लोहाघाट में कुछ नाइयों ने रविवार को दुकानें खोली।

मीट मार्केट और हिटलर मार्केट में जाकर मांस की दुकानें बंद करा दी थी। तबसे लेकर तीन दिन बाद भी एक भी मांस की दुकानें नहीं खुली हैं। मांस विक्रेताओं ने स्वेच्छा से दुकानें बंद की हैं या किसी दबाव में आकर, इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं, टनकपुर में रविवार को दूसरे दिन भी मांस की दुकानें बंद रही। हालांकि, प्रशासन की बंदी के बाद भी सुबह कुछ मांस विक्रेताओं ने दुकानें खोली, लेकिन बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने दुकानें बंद करा दी।

बता दें कि एसडीएम अनिल चन्याल ने सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार तक मांस की दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। प्रभारी कोतवाल उत्तम सिंह ने शहर के मांस विक्रेताओं को एसडीएम के अग्रिम आदेशों तक दुकानें न खोलने की हिदायत दी है।
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