चंपावत। जिला अस्पताल में दो बाल रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं, लेकिन सोमवार को एक भी डॉक्टर के ड्यूटी पर न होने से नवजात को इलाज नहीं मिल सका।
जिला मुख्यालय से 31 किमी दूर दिगालीचौड़ निवासी निर्मल की पत्नी मनीषा के नवजात की उम्र महज 10 दिन है। नवजात के पेट में संक्रमण होने से उसे सांस लेने में दिक्कत हुई।
परेशानी बढ़ने पर मां मनीषा अपने नवजात को लेकर उप जिला अस्पताल लोहाघाट आई। जहां से प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें चंपावत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंची प्रसूता मनीषा नवजात शिशु को गोदी में लेकर एक केबिन से दूसरे केबिन में भटकती रही। दो घंटे तक इंतजार करने के बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ का केबिन नहीं खुला तो सर्जन डॉ. राहुल चौहान ने महिला की बात सुनी लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से बाद में महिला निजी अस्पताल जाने के लिए मजबूर हुई।
महिला रोग विशेषज्ञ लंबे मातृत्व अवकाश पर हैं। जिला अस्पताल के दोनों बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर हैं। डॉ. विवेक कुमार सोमवार तक की छुट्टी पर हैं। इस वजह से नवजात शिशु का इलाज नहीं हो सका। मंगलवार से अस्पताल में छोटे बच्चों के इलाज के लिए एक बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध रहेगा।
- डॉ. एचएस ऐरी, पीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत।
अधिक ठंड से बढ़ रहा वायरल का प्रकोप
लोहाघाट (चंपावत)। लगातार बढ़ती ठंड के कारण क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग वायरल फीवर की चपेट में आए है। उपचार कराने के लिए अस्पताल में भीड़ लग रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोगियों का उपचार कर उनकी कोविड जांच की जा रही है।
चिकित्सक डॉ. रविंद्र बोहरा ने बताया कि वायरल समेत सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित कई मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग तक शामिल हैं। उन्होंने लोगों से ठंड से बचने, मास्क लगाने, सुरक्षित दूरी का पालन करने, समय पर दवाएं लेने का सुझाव दिया है। चिकित्साधीक्षक डॉ. जुनैद कमर ने बताया कि अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज भी आ रहे हैं। करीब एक पखवाड़े में वायरल से पीड़ित करीब 200 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉ. जुनैद ने बताया कि वायरल से पीड़ित लोगों की कोरोना एंटीजन जांच कर आरटीपीसीआर सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोविड से बचाव के लिए शासन-प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की है।