बनबसा में नेपाल मार्ग पर धरने पर बैठे व्यापारी।
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बनबसा (चंपावत)। नेपाल में भारतीय व्यापारियों के साथ अनुचित व्यवहार से खफा व्यापारियों ने रविवार से नेपाल प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की राह पकड़ ली है। व्यापारी दुकानें बंद कर नेपाल मार्ग पर केनाल कॉलोनी गेट के पास तंबू गाढ़कर धरने पर बैठ गए हैं। इधर, दुकानें बंद रहने से बाजार में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने दो टूक कहा है कि प्रशासन की ओर से सकारात्मक कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
नेपाल में भारतीय व्यापारियों के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत व्यापारी पिछले कई दिनों से कर रहे थे। उनका कहना है कि उन्होंने सीमा पर विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही अधिकारियों को भी नेपाल प्रशासन के रवैये से अवगत कराया। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस मामले को लेकर उन्हें आंदोलन को मजबूर होना पड़ रहा है। रविवार को व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत सिंह भंडारी की अगुवाई में नेपाल मार्ग पर केनाल कॉलोनी के पास धरने पर बैठ गए। व्यापारियों ने कहा कि कोरोना के कारण भारत-नेपाल सीमा सील है। बावजूद इसके नेपाली नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, लेकिन कारोबारी वसूली के लिए नेपाल जा रहे व्यापारियों के साथ कोरोना जांच के नाम पर वहां का प्रशासन अनुचित व्यवहार कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना, प्रदर्शन करने वालों में व्यापार मंडल महामंत्री संजय पारीक, उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष जेपी अग्रवाल, प्रदेश संगठन मंत्री शंकर लाल वर्मा, संजय अग्रवाल, देवेंद्र ठाकुर, सत्यनारायण गोयल, पवन अग्रवाल, सूरज रौतेला, लोकेश पारीक, मनोज मित्तल आदि व्यापारी शामिल रहे।
भारत आ रहे 18 नेपाली नागरिक मिले कोरोना पॉजिटिव, सीमा से लौटाया
बनबसा। नेपाल से भारत में कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। रविवार को बनबसा सीमा के रास्ते नेपाल से भारत आ रहे 18 नेपाली नागरिक एंटिजन टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा से ही वापस नेपाल की ओर लौटा दिया। एक साथ इतनी ज्यादा संख्या में नेपाली नागरिकों के कोरोना पॉजिटिव मिलने से यह आशंका बढ़ गई है कि नेपाली नागरिकों को भारत में प्रवेश की अनुमति से कोरोना का खतरा अधिक बढ़ेगा। सीएमएस डॉ. एचएस हयांकी का कहना है कि बिना जांच के नेपाली नागरिकों को भारत में प्रवेश दिया गया तो कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा है।