चंपावत। सात साल पहले जिस उप तहसील का शासनादेश फाइलों में कैद था उसके बाहर आने की प्रबल संभावना बन गई है। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो लोहाघाट ब्लॉक में गुमदेश उप तहसील 15 अगस्त से अस्तित्व में आ जाएगी। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के मुताबिक यह तय है कि 15 अगस्त से यह उप तहसील शुरू हो जाएगी। 16 अगस्त को यहां पहले तहसील दिवस का भी आयोजन किया जाएगा।
नेपाल सीमा से लगी गुमदेश उप तहसील का शासनादेश जून 2015 में जारी हुआ था लेकिन इस संचालन शुरू नहीं हो सका था। कलक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी ने जनवरी 2021 को राजस्व परिषद को भेजे पत्र में उप तहसील के संचालित न होने की वजह राजस्व अधिकारी-कार्मिकों की कमी बताया था। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चंपावत से विधायक बनने के बाद इस उप तहसील का संचालन शुरू होने की उम्मीद दिख रही है। इसके खुलने से 41 ग्राम पंचायतों की 35 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। चंपावत जिले की मंच उप तहसील जनवरी 2017 से बंद थी, इस साल 10 जून से इसका दोबारा संचालन हुआ है।
ये होंगे लाभ
गुमदेश क्षेत्र के ग्रामीणों को खतौनी की नकल, स्थायी निवास, जाति, आय, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनाने के 39 किमी दूर लोहाघाट नहीं आना पड़ेगा।
यह भी जानें
-15 जून 2015 को गुमदेश की पृथक उप तहसील की राजाज्ञा जारी हुई थी।
- किमतोली के राजस्व गांव गुरेली (खालगढ़) को उप तहसील मुख्यालय के रूप में मंजूरी मिली।
किमतोली के ग्रोथ सेंटर भवन में उप तहसील का संचालन किया जाएगा। इसके लिए फर्नीचर और अन्य जरूरी सामग्री भेजी जा चुकी है। -रिंकू बिष्ट, एसडीएम, लोहाघाट।
विकास को नई दिशा मिलेगी
उप तहसील के अस्तित्व में आने से गुमदेश क्षेत्र के 35 हजार से अधिक लोगों को सुविधा मिलेगी। तहसील से संबंधित प्रमाणपत्र की सुविधा तो होगी ही, क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
- माधो सिंह अधिकारी, अध्यक्ष, गुमदेश विकास संघर्ष समिति, चंपावत।