टनकपुर (चंपावत)। शारदा बैराज से सटी नेपाल-सीमा पर भारत-नेपाल मैत्री नहर का नेपाल के ऊर्जा एवं सिंचाई मंत्री कुलमान घिसिंग ने जायजा लिया। वह मैत्री नहर के रास्ते से होकर सीमा पार लौट गए। इस बीच सिंचाई मंत्री घिसिंग एसएसबी चौकी इंचार्ज एसआई देवेंद्र सिंह से भी मिले।
भारत-नेपाल के बीच महाकाली संधि के तहत नेपाल मैत्री नहर शारदा बैराज से नेपाल के मटेना तक 1.2 किमी का निर्माण किया गया है। नहर का उद्देश्य है कि नेपाल में कृषि को बढ़ावा मिल सके और भारत-नेपाल के रिश्ते मजबूत हों। बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे नेपाल के ऊर्जा एवं सिंचाई मंत्री घिसिंग मैत्री नहर का जायजा लेने शारदा बैराज के पास पहुंचे। कुछ देर निरीक्षण के बाद नहर के रास्ते नेपाल की ओर लौट गए। सिंचाई मंत्री के साथ भ्रमण में नेपाल के जिला कंचनपुर सीडीओ लक्ष्मण ढकाल, जिला कंचनपुर के एसपी खड़क बहादुर खत्री, एपीएफ के एसपी लोकेंद्र देव, इंस्पेक्टर कमल शर्मा आदि मौजूद रहे।
भारत ने 2022 में पूरा कर दिया था नहर निर्माण का काम
बनबसा (चंपावत)। टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए एनएचपीसी ने 1.2 किलोमीटर लंबी नहर भारतीय क्षेत्र में बनाई है। एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन के मुखिया महाप्रबंधक ऋषि रंजन आर्य ने बताया कि भारत ने 17 अप्रैल 2022 में अपने क्षेत्र में नहर का निर्माण करा दिया था। मार्च 2023 में एनएचपीसी ने कंट्रोल रूम आदि का भी निर्माण करा दिया गया था लेकिन नेपाल की ओर नहर का निर्माण पूरा नहीं होने से अभी नेपाल को सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है। हालांकि एनएचपीसी ने नहर में पानी छोड़कर इसका सफल परीक्षण भी कर लिया है। उधर नेपाल प्रशासन ने 46 किमी अपने क्षेत्र में नहर निर्माण किए जाने का दावा किया है। नेपाली मंत्री ने कहा कि जल्द ही नेपाल सरकार भारत से नहर में पानी छोड़ने की मांग करेगी। बुधवार को यहां पहुंचे सिंचाई एवं ऊर्जा मंत्री मौसम खराब होने के कारण वह एनएचपीसी के अधिकारियों से मिले बिना ही लौट गए थे। संवाद