बनबसा नेपाल बॉर्डर पर पसरा सन्नाटा
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बनबसा (चंपावत)/झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल माओवादी संगठन के अलग गुट (बैज) के नेपाल बंद का भारतीय सीमा क्षेत्र बनबसा में भी खासा असर रहा। रोजाना चहल-पहल वाले मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा तो नेपाली ग्राहकों के नहीं आने से बनबसा का कारोबार भी प्रभावित हुआ।सुरक्षा के तहत प्रशासन ने भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगा दी थी। अलबत्ता शाम छह बजे बाद बेमियादी बंद का एलान वापस ले लिया गया।
माओवादी गुट से अलग हुए संगठन के नेतृत्व कर्ता नेत्र विक्रम चंद उर्फ विप्लव गुट ने नेपाल में काला बाजारी, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, खाद्यान, गैस आपूर्ति, आम जरूरत की वस्तुओं की सप्लाई सुचारु करने और जनयुद्ध के दौरान हुए युद्ध बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर नेपाल बंद का आह्वान किया है। नेपाल में संपूर्ण बंद के चलते सीमांत क्षेत्रों की रौनक भी गायब रही।
बनबसा के व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल और देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि नेपाल बंद के चलते बनबसा का कारोबार 70 प्रतिशत प्रभावित रहा। नेपाल में वाहनों के नहीं चलने से रोडवेज को भी खासा नुकसान पहुंचा है। कस्टम अधीक्षक एनके श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल बंद के चलते कस्टम का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
सुरक्षा के तहत भारतीय प्रशासन ने भारतीय वाहनों को भारत नेपाल सीमा पिलर संख्या 7 तक ही आवाजाही की इजाजत दी। उधर, एसएसबी और पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, झूलाघाट से लगते नेपाल बॉर्डर पर बंद कोई असर नहीं देखा गया।
बैतड़ी, डडेलधुरा, दार्चुला में व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कालेज आम दिनों की तरह खुले। अलबत्ता पुलिस ने एहतियात के तौर पर गश्त बढ़ा दी। नेपाल के बैतड़ी जिले से मिली सूचना में कहा गया कि बंद के लिए किसी भी संगठन या कार्यकर्ता ने प्रयास नहीं किया।